मध्यप्रदेश के हरदा जिले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्वामित्व अधिकार अभिलेख हस्तांतरण योजना के तहत 10 ग्रामीणों को रजिस्ट्री प्रमाण-पत्र सौंपे। इससे हितग्राहियों को अपनी जमीन के कानूनी मालिकाना हक से जुड़े दस्तावेज मिले हैं।
ग्राम गोंदागांव के निर्भयदास और भैयालाल सहित आठ अन्य ग्रामीणों को प्रमाण-पत्र दिए गए। हितग्राहियों के मुताबिक, जमीन की रजिस्ट्री होने से बैंक ऋण लेने और अपनी संपत्ति पर निर्माण जैसे कामों में सुविधा मिल सकती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रत्येक पात्र ग्रामीण को उसकी भूमि का अधिकार दिलाना है। उन्होंने अधिकारियों को रजिस्ट्री प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश भी दिए।
डॉ. यादव ने कलेक्टर को भू-स्वामित्व के तहत रजिस्ट्री का काम तेज करने और पटवारियों को प्रक्रिया के बारे में स्पष्ट निर्देश देने को कहा। उन्होंने बताया कि रजिस्ट्री अधिकार अभिलेख में दर्ज जानकारी के आधार पर की जाएगी। इस प्रक्रिया में जमीन के स्वामित्व का नए सिरे से निर्धारण नहीं होगा।