राजनांदगांव: एबिस ग्रुप बिहार में करीब 600 करोड़ रुपये का निवेश करेगा। कंपनी ने हैचरी, फीड निर्माण और प्रोसेसिंग से जुड़ी परियोजनाओं के विस्तार के लिए बिहार सरकार के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस निवेश से राज्य में औद्योगिक गतिविधियों और रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की मौजूदगी में हुआ एमओयू
समझौते पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की मौजूदगी में हस्ताक्षर किए गए। यह कार्यक्रम बिहार इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग सिटी ग्लोबल लिमिटेड (BIMCGL) के शुभारंभ और ‘बिहार बिजनेस कनेक्ट 2027’ के दौरान आयोजित हुआ। कार्यक्रम की थीम ‘बिहार है तैयार’ रखी गई थी।
कंपनी के मुताबिक, प्रस्तावित निवेश से बिहार में हैचरी, फीड निर्माण और प्रोसेसिंग से जुड़ी गतिविधियों का विस्तार होगा। इससे राज्य की प्रोटीन वैल्यू चेन को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
रोजगार के नए अवसर बनने की उम्मीद
करीब 600 करोड़ रुपये के निवेश से औद्योगिक ढांचे और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है। साथ ही, स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उद्योगों को प्रोत्साहित करने और रोजगार सृजन के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने औद्योगिक विकास के लिए बेहतर बुनियादी ढांचे को भी महत्वपूर्ण बताया।
एबिस ने निवेश नीतियों की सराहना की
एबिस के प्रबंध निदेशक बहादुर अली ने बिहार सरकार की निवेश को बढ़ावा देने वाली नीतियों की सराहना की। उन्होंने प्रस्तावित निवेश को ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य से जोड़ते हुए इसे राज्य के विकास में योगदान देने वाला कदम बताया।
कंपनी की ओर से पोल्ट्री डिवीजन के प्रमुख सौरभ नागपाल ने भी प्रतिनिधित्व किया। कंपनी ने निवेश प्रक्रिया में सहयोग के लिए बिहार प्रशासन के विभिन्न विभागों और अधिकारियों का आभार जताया।