छत्तीसगढ़ हर्बल्स के दिवाली गिफ्ट पैक लॉन्च, कीमत ₹700 से शुरू

रायपुर: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 27 अक्टूबर को रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में ‘छत्तीसगढ़ हर्बल्स’ के दिवाली गिफ्ट पैक लॉन्च किए। इनमें राज्य के स्थानीय वन उत्पादों और पारंपरिक खाद्य सामग्री को शामिल किया गया है। इन पैक के जरिए वन उपज संग्राहकों और महिला स्व-सहायता समूहों के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने की कोशिश की गई है।

कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और अरुण साव, वन मंत्री केदार कश्यप सहित अन्य मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

₹700 और ₹1,100 के दो पैक

‘छत्तीसगढ़ हर्बल्स’ ने दिवाली के लिए दो तरह के गिफ्ट पैक तैयार किए हैं।

  • सामान्य पैक: ₹700 में पांच उत्पाद।
  • प्रीमियम पैक: ₹1,100 में नौ उत्पाद।

ये गिफ्ट पैक छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ के ‘संजीवनी’ रिटेल आउटलेट्स पर उपलब्ध होंगे।

जामुन जूस से महुआ कुकीज तक कई उत्पाद

गिफ्ट पैक में जामुन जूस, जामुन स्प्रेड, आंवला कैंडी, इमली कैंडी, कोदो और महुआ कुकीज, च्यवनप्राश, वाइल्ड फॉरेस्ट हनी, बस्तर के मसाला और नमकीन काजू, जशपुर की ग्रीन टी और एलोवेरा जेल जैसे उत्पाद शामिल हैं। पैक के अनुसार उत्पादों की संख्या अलग-अलग होगी।

महिला समूहों और वन उपज संग्राहकों को मिलेगा लाभ

वन मंत्री केदार कश्यप के मुताबिक, वन धन विकास केंद्रों के जरिए महिला स्व-सहायता समूह स्थानीय वनोपज का प्रसंस्करण कर उत्पाद तैयार कर रहे हैं। पैकेजिंग, ब्रांडिंग और बिक्री के बेहतर अवसर मिलने से इन समूहों की आय बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

ये उत्पाद राजनांदगांव, कवर्धा, जशपुर, जगदलपुर, धमतरी और कटघोरा समेत विभिन्न वन धन विकास केंद्रों में तैयार किए जा रहे हैं। दुर्ग जिले के जामगांव (एम) स्थित केंद्रीय प्रसंस्करण इकाई का भी इसमें योगदान है।

सरकारी जानकारी के अनुसार, इन वन धन विकास केंद्रों का सालाना कारोबार करीब 60 से 70 लाख रुपये है। गिफ्ट पैक के जरिए स्थानीय उत्पादों की बिक्री बढ़ने और वन उपज संग्राहकों व महिला समूहों की आजीविका को सहारा मिलने की उम्मीद है।