भोपाल मंडल में 90 जगह सौर ऊर्जा से बन रही बिजली, 7 महीने में 21 लाख यूनिट उत्पादन

भोपाल: भोपाल रेल मंडल में सौर ऊर्जा के इस्तेमाल से रेलवे को बिजली खर्च में राहत मिल रही है। मंडल के 90 स्थानों पर लगाए गए सोलर प्लांट से अप्रैल से अक्टूबर 2026 के बीच करीब 21 लाख यूनिट बिजली का उत्पादन हुआ। इससे रेलवे को लगभग 1.05 करोड़ रुपये की अनुमानित बचत हुई है। इन प्लांट की कुल स्थापित क्षमता करीब 2.9 मेगावाट है।

सौर ऊर्जा का उत्पादन बढ़ाने के लिए मंडल में करीब एक मेगावाट क्षमता के नए सोलर प्लांट लगाने का काम भी जारी है। इनके पूरा होने पर रेलवे की बिजली उत्पादन क्षमता में और इजाफा होगा।

90 स्थानों पर स्थापित हैं सोलर प्लांट

डीआरएम पंकज त्यागी के मार्गदर्शन और वरिष्ठ मंडल विद्युत इंजीनियर (सामान्य) संजय मनोरिया के नेतृत्व में भोपाल मंडल में सौर ऊर्जा को बढ़ावा दिया जा रहा है। विद्युत सामान्य विभाग ने मंडल के 90 स्थानों पर सोलर प्लांट लगाए हैं। इनकी कुल क्षमता करीब 2.9 मेगावाट है। ये प्लांट पूंजीगत व्यय (CAPEX) के तहत स्थापित किए गए हैं।

सात महीने में 1.05 करोड़ रुपये की अनुमानित बचत

अप्रैल से अक्टूबर 2026 के बीच इन प्लांट से करीब 21 लाख यूनिट बिजली बनी। रेलवे के मुताबिक, इससे लगभग 105 लाख रुपये यानी 1.05 करोड़ रुपये की अनुमानित बचत हुई। सौर ऊर्जा से रेलवे की बिजली जरूरत का एक हिस्सा पूरा हो रहा है। इससे पारंपरिक बिजली पर निर्भरता और खर्च कम करने में मदद मिल रही है।

एक मेगावाट क्षमता के नए प्लांट पर काम जारी

भोपाल मंडल में करीब एक मेगावाट क्षमता के अतिरिक्त सोलर प्लांट लगाने का काम चल रहा है। इनके शुरू होने के बाद मंडल की कुल सौर ऊर्जा उत्पादन क्षमता बढ़ेगी। रेलवे उपलब्ध भवनों और स्थानों पर सोलर सिस्टम लगाकर स्वच्छ ऊर्जा का इस्तेमाल बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है।

रेल मंत्रालय को मिला पीएम सूर्य घर एक्सीलेंस अवार्ड

रेल मंत्रालय को 5 नवंबर 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित रिन्यूएबल एनर्जी समिट एंड एक्सपो में ‘पीएम सूर्य घर एक्सीलेंस अवार्ड’ दिया गया। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने मंत्रालय को यह पुरस्कार प्रदान किया।

रेल मंत्रालय के मुताबिक, देशभर में 15,868 उपयुक्त रेलवे भवनों की पहचान की गई है। इनमें से 12,495 भवनों पर रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं। इनकी कुल क्षमता 351 मेगावाट है, जबकि लक्ष्य 424 मेगावाट का है। बाकी उपयुक्त भवनों पर मार्च 2027 तक सोलर सिस्टम लगाने का लक्ष्य रखा गया है।

77 केंद्रीय मंत्रालयों के भवन भी सौर ऊर्जा से जुड़ रहे

पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत 77 केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों के 39,135 उपयुक्त भवनों की पहचान की गई है। इनमें से 25,984 भवनों पर सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं। यह कुल चिन्हित भवनों का करीब 66 प्रतिशत है।

रेलवे का कहना है कि सौर ऊर्जा के इस्तेमाल से बिजली खर्च घटाने के साथ कार्बन उत्सर्जन कम करने और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।