जबलपुर: मध्यप्रदेश के जबलपुर में पुलिस ने नशे की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक कंटेनर से 871 किलो 95 ग्राम गांजा जब्त किया है। इसकी अनुमानित कीमत 4 करोड़ 35 लाख 55 हजार रुपये बताई गई है। तस्करों ने गांजे की 28 बोरियों को पेंट के 412 डिब्बों के बीच छिपाया था। पुलिस ने कंटेनर में सवार दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
एनएच-30 पर घेराबंदी कर पकड़ा कंटेनर
पुलिस को मुखबिर से कंटेनर में गांजा ले जाने की सूचना मिली थी। इसके बाद क्राइम ब्रांच और गोसलपुर पुलिस की टीम ने एनएच-30 पर निगरानी शुरू की। मुस्करा मोड़ के पास संदिग्ध कंटेनर दिखाई देने पर पुलिस ने उसका पीछा किया और मोहतरा टोल के पास घेराबंदी कर रोक लिया।
पुलिस के मुताबिक, कंटेनर में सवार दोनों लोगों ने भागने की कोशिश की, लेकिन उन्हें पकड़ लिया गया। उनकी पहचान उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ निवासी धर्मवीर सिंह (45) और पश्चिम बंगाल के दक्षिण दिनाजपुर निवासी विक्रम करमाकर (24) के रूप में हुई।
पेंट के डिब्बों के बीच मिलीं 28 बोरियां
कंटेनर की तलाशी में पेंट के 412 डिब्बों के साथ 28 बोरियां मिलीं। इनमें खाकी रंग के टेप से पैक गांजे के पैकेट रखे गए थे। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों के तहत वजन कराया, जिसमें 871 किलो 95 ग्राम गांजा मिला। पुलिस ने गांजे के साथ कंटेनर और पेंट के डिब्बे भी जब्त किए हैं।
ओडिशा से जुड़ रहे तस्करी के तार
पुलिस की शुरुआती जांच में गांजे की खेप का संबंध ओडिशा के बलांगीर से सामने आया है। पूछताछ में चालक ने कथित तौर पर बताया कि 27 अक्टूबर को प्रभात साहू के यहां से गांजे की 28 बोरियां कंटेनर में लोड की गई थीं। खेप को मैहर पहुंचने से पहले एक पेट्रोल पंप के पास उतारना था।
आरोपी के बयान के अनुसार, वह पहले भी मध्यप्रदेश में गांजे की खेप पहुंचा चुका है और हर बार इसके बदले उसे एक लाख रुपये मिलते थे। पुलिस अब कथित सप्लायर, डिलीवरी लेने वालों और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है।
दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 और 29 के तहत मामला दर्ज किया गया है। कार्रवाई में जबलपुर क्राइम ब्रांच, गोसलपुर थाना पुलिस और झांसी की नारकोटिक्स विंग शामिल रही।