डोंगरगढ़: राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ में छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर तहसील कार्यालय के सामने एक दिवसीय प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने सेवा पुस्तिका और जीपीएफ पासबुक के सत्यापन सहित लंबे समय से लंबित भुगतानों का मुद्दा उठाया। उन्होंने मांगों का जल्द निराकरण नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।
सेवा पुस्तिका और जीपीएफ सत्यापन की मांग
छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन की ब्लॉक इकाई डोंगरगढ़ के अनुसार, इन समस्याओं को पहले विकासखंड शिक्षा अधिकारी के संज्ञान में लाया गया था। लेकिन समाधान नहीं होने के कारण शिक्षकों को प्रदर्शन करना पड़ा।
शिक्षकों की प्रमुख मांगों में सेवा पुस्तिका का स्थानीय समन्वयक, कोष एवं लेखा कार्यालय से सत्यापन और जीपीएफ पासबुक का विकासखंड शिक्षा अधिकारी से सत्यापन कराना शामिल है।
टीए बिल और परीक्षा मूल्यांकन का भुगतान लंबित
प्रदर्शन के दौरान प्रशिक्षण में शामिल होने वाले शिक्षकों के यात्रा भत्ते (टीए बिल) का भुगतान नहीं होने का मुद्दा भी उठाया गया। शिक्षकों का कहना है कि लंबे समय तक भुगतान लंबित रहने से उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ता है।
इसके अलावा पांचवीं और आठवीं बोर्ड परीक्षाओं के मूल्यांकन कार्य में ड्यूटी करने वाले शिक्षकों के भुगतान का मामला भी उठाया गया। एसोसिएशन के मुताबिक, संबंधित भुगतान के लिए उच्च कार्यालय से राशि विभाग को मिल चुकी है, लेकिन शिक्षकों को अब तक भुगतान नहीं हुआ है।
मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी
शिक्षकों ने शासन-प्रशासन से सभी मांगों का समयबद्ध निराकरण करने की अपील की। उनका कहना है कि विभागीय समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सकारात्मक पहल नहीं हुई, तो आंदोलन को व्यापक और उग्र किया जाएगा। अब शिक्षकों की नजर संबंधित अधिकारियों की कार्रवाई और लंबित समस्याओं के समाधान पर है।