छत्तीसगढ़ में यूसीसी लागू करने की तैयारी तेज, सरकार ने बनाई पांच सदस्यीय विशेषज्ञ समिति

 रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में अहम पहल करते हुए पांच सदस्यीय विशेषज्ञ समिति का गठन कर दिया है। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक यह समिति यूसीसी लागू करने से जुड़े कानूनी, सामाजिक और प्रशासनिक पहलुओं का विस्तृत अध्ययन करेगी और अपनी अनुशंसाओं सहित रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपेगी।समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई करेंगी। उनके साथ प्रशासन, कानून और शिक्षा क्षेत्र के अनुभवी विशेषज्ञों को भी सदस्य बनाया गया है।

भाजपा के चुनावी संकल्प को अमलीजामा पहनाने की शुरुआत

विधानसभा चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी ने अपने घोषणा पत्र में छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता लागू करने का वादा किया था। सरकार बनने के बाद विशेषज्ञ समिति का गठन इस दिशा में पहला औपचारिक कदम माना जा रहा है। इससे पहले उत्तराखंड यूसीसी लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन चुका है, जहां जनवरी 2025 से यह कानून प्रभावी है। अब छत्तीसगढ़ भी उन राज्यों की सूची में शामिल हो गया है, जहां यूसीसी को लेकर सरकारी स्तर पर ठोस तैयारी शुरू हो चुकी है।

क्या होती है समान नागरिक संहिता

समान नागरिक संहिता का उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए विवाह, तलाक, भरण-पोषण, उत्तराधिकार और दत्तक ग्रहण जैसे व्यक्तिगत मामलों में एक समान कानून लागू करना है। वर्तमान व्यवस्था में अलग-अलग धार्मिक समुदायों के लिए अलग-अलग पर्सनल लॉ लागू हैं। यूसीसी का मकसद इन मामलों में सभी नागरिकों के लिए समान कानूनी व्यवस्था सुनिश्चित करना है।

समिति को सौंपे गए अहम दायित्व

राज्य सरकार ने विशेषज्ञ समिति को कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी हैं। समिति मौजूदा कानूनी ढांचे का अध्ययन करेगी और यह आकलन करेगी कि छत्तीसगढ़ में यूसीसी किस स्वरूप में लागू की जा सकती है। इसके अलावा विवाह, तलाक, भरण-पोषण, उत्तराधिकार और दत्तक ग्रहण जैसे विषयों पर सुझाव तैयार करेगी।

समिति सामाजिक संगठनों, विधि विशेषज्ञों, नागरिकों और अन्य संबंधित पक्षों से राय भी लेगी। साथ ही उन राज्यों की व्यवस्थाओं का अध्ययन करेगी, जहां यूसीसी लागू हो चुकी है या प्रस्तावित है। अध्ययन के आधार पर समिति यूसीसी का प्रारूप तैयार करेगी और आवश्यक विधायी तथा प्रशासनिक सिफारिशों के साथ अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपेगी।

ये हैं विशेषज्ञ समिति के सदस्य

राज्य सरकार द्वारा गठित समिति में न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई को अध्यक्ष बनाया गया है। इसके अलावा सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी शत्रुघ्न सिंह, सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी एम. के. राउत, वरिष्ठ अधिवक्ता मोहन पवार और सेवानिवृत्त प्राचार्य ज्योति रानी सिंह को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। सरकार का मानना है कि विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों के अनुभव से तैयार होने वाली रिपोर्ट राज्य में यूसीसी लागू करने की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।