रायपुर: बस्तर संभाग के दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों को सड़क संपर्क से जोड़ने की तैयारी तेज हो गई है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY-4) के पहले बैच में संभाग की 234 बसाहटों में सड़क निर्माण को मंजूरी मिल चुकी है। वहीं, दूसरे बैच में सातों जिलों की 754 बसाहटों तक सड़क पहुंचाने के लिए सर्वे और प्रस्ताव तैयार करने की प्रक्रिया जारी है।
पहले बैच में 234 बसाहटों को मंजूरी
पीएमजीएसवाई-4 के प्रथम बैच में जिन बसाहटों को स्वीकृति मिली है, उनमें बस्तर जिले की 87, बीजापुर की 44, दंतेवाड़ा की 12, कांकेर की 41, कोंडागांव की 34 और सुकमा की 16 बसाहटें शामिल हैं।
सड़क निर्माण पूरा होने के बाद इन क्षेत्रों के ग्रामीणों को सालभर आवागमन की सुविधा मिल सकेगी।
दूसरे बैच में 754 बसाहटों को जोड़ने की तैयारी
योजना के दूसरे बैच में बस्तर संभाग की 754 बसाहटों को सड़क संपर्क देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। प्रस्तावित बसाहटों का जिलेवार विवरण इस प्रकार है:
- बस्तर: 114
- बीजापुर: 125
- दंतेवाड़ा: 63
- कांकेर: 140
- कोंडागांव: 31
- नारायणपुर: 136
- सुकमा: 146
इन बसाहटों का सर्वे ग्रामीण सड़क सर्वे ऐप के माध्यम से किया जा रहा है। प्रस्तावों को गति शक्ति योजना से जोड़ने की प्रक्रिया भी जारी है।
सड़क संपर्क विकसित होने से ग्रामीणों को स्वास्थ्य केंद्रों, स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों, बाजारों और सरकारी कार्यालयों तक पहुंचने में सुविधा होगी। इसके अलावा कृषि उपज के परिवहन और स्थानीय कारोबार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
373 पुलों के प्रस्तावों पर भी काम
बस्तर में सड़क निर्माण के साथ पुलों के निर्माण की भी तैयारी है। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के अनुसार, पीएमजीएसवाई-4 के पहले बैच के तहत 206 पुलों और पीएम-जनमन योजना के तहत 167 पुलों के प्रस्तावों पर विचार के लिए अधिकार प्राप्त समिति की बैठक हुई है। इन प्रस्तावों को जल्द मंजूरी दिए जाने की बात कही गई है।
इसके अलावा बस्तर संभाग के लिए 55 लंबे पुलों के प्रस्ताव तैयार किए गए हैं। नारायणपुर जिले में पीएम-जनमन योजना के तहत 22 लंबे पुलों के प्रस्ताव बनाए गए हैं। इनकी अनुमानित लागत करीब 87.45 करोड़ रुपये बताई गई है।
पुलों के निर्माण से बारिश के दौरान नदी-नालों के कारण मुख्य मार्गों से कट जाने वाले गांवों को राहत मिलने की उम्मीद है।
छोटी बसाहटों के लिए विशेष छूट की मांग
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बस्तर की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए केंद्र सरकार से सड़क योजना के पात्रता नियमों में छूट देने का अनुरोध किया है। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर बताया था कि घने जंगलों और दूरस्थ इलाकों में कई ऐसी बसाहटें हैं, जहां आबादी 100 से भी कम है।
मौजूदा जनसंख्या संबंधी मापदंडों के कारण ये गांव बारहमासी सड़क सुविधा की पात्रता से बाहर रह जाते हैं। विजय शर्मा ने ऐसे गांवों के लिए जनसंख्या सीमा में छूट देने और 10 किलोमीटर के दायरे में स्थित छोटी बसाहटों को एक क्लस्टर मानकर सड़क निर्माण की स्वीकृति देने का सुझाव दिया है।
केंद्र के सहयोग पर मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री ने जताया आभार
बस्तर में सड़क और पुल निर्माण के प्रस्तावों पर केंद्र सरकार की पहल के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान का आभार जताया है।
विजय शर्मा ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से बस्तर के दूरस्थ इलाकों में विकास की नई राह खुल रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य नक्सलवाद से मुक्त हुए गांवों तक भी विकास की सुविधाएं पहुंचाना है।