मध्यप्रदेश में सेमीकंडक्टर और क्वांटम तकनीक को बढ़ावा, 9,625 करोड़ के निवेश प्रस्तावों पर पांच कंपनियों को आशय पत्र

इंदौर। मध्यप्रदेश को सेमीकंडक्टर और उन्नत तकनीक का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने नई पहल की है। इंदौर में आयोजित दो दिवसीय सेमीकंडक्टर समिट में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सेमीकंडक्टर और फोटोनिक्स एवं क्वांटम प्रौद्योगिकी के लिए उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने की घोषणा की। इसके साथ ही पांच कंपनियों को भूमि आवंटन के आशय पत्र दिए गए। इन परियोजनाओं में 9,625 करोड़ रुपये के निवेश और 4,450 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर प्रस्तावित हैं।

सेमीकंडक्टर और क्वांटम तकनीक के बनेंगे उत्कृष्टता केंद्र

मुख्यमंत्री ने बताया कि सेमीकंडक्टर उत्कृष्टता केंद्र में चिप डिजाइन, वीएलएसआई, अनुसंधान, नवाचार और कौशल विकास को बढ़ावा दिया जाएगा। वहीं, फोटोनिक्स एवं क्वांटम प्रौद्योगिकी उत्कृष्टता केंद्र में क्वांटम कंप्यूटिंग, संचार और उन्नत सामग्री पर अनुसंधान किया जाएगा।

इंदौर-उज्जैन आर्थिक गलियारे में सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण और चिप डिजाइन से जुड़े उद्योगों को प्राथमिकता देने की भी घोषणा की गई।

भोपाल, इंदौर और ग्वालियर में प्रस्तावित परियोजनाएं

समिट में पांच कंपनियों को औद्योगिक परियोजनाओं के लिए भूमि आवंटन के आशय पत्र दिए गए।

ग्वालियर के मालनपुर में साइटैक आरई ने 6,415 करोड़ रुपये से 50 मेगावाट क्षमता का डेटा सेंटर स्थापित करने का प्रस्ताव दिया है। भोपाल में उना इको सिस्टम्स 2,000 करोड़ रुपये से लिथियम सेल विनिर्माण इकाई स्थापित करने की योजना बना रही है।

इंदौर के सिंहासा आईटी पार्क में औरिगा आईटी सॉल्यूशंस ने 500 करोड़ रुपये के निवेश से वैश्विक क्षमता केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है। इससे 3,500 रोजगार के अवसर मिलने का अनुमान है।

इसके अलावा मीना सर्किट्स ने 400 करोड़ रुपये और केन्स इलेक्ट्रॉनिक्स ने भोपाल में 310 करोड़ रुपये के निवेश की योजना प्रस्तुत की है।

सात कंपनियों को इंदौर में कार्यालयीन स्थान

इंदौर के परदेशीपुरा इलेक्ट्रॉनिक्स कॉम्प्लेक्स में सात कंपनियों को कुल 44,815.67 वर्गफुट कार्यालयीन स्थान लीज पर उपलब्ध कराने के आशय पत्र दिए गए। इनसे 1,280 से अधिक रोजगार के अवसर प्रस्तावित हैं।

एडीटी सेमीकंडक्टर्स अनुसंधान एवं विकास केंद्र स्थापित करेगी। स्पिंट्रॉनिक्स एआई सेमीकंडक्टर्स चिप डिजाइन और इक्ष्वाकुमीडिया जनरेटिव एआई आधारित डिजिटल सामग्री निर्माण के क्षेत्र में काम करेगी।

निवेशकों के साथ बैठकें, पांच संस्थानों से समझौते

मुख्यमंत्री ने 12 से अधिक कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ अलग-अलग बैठकें कीं। सरकार के अनुसार, इन चर्चाओं में 5,800 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश और 10 हजार से ज्यादा रोजगार के प्रस्ताव सामने आए।

समिट में मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम ने पांच संस्थानों के साथ समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान किया। इनका उद्देश्य चिप डिजाइन, कौशल विकास, अनुसंधान और उद्योगों के साथ सहयोग बढ़ाना है।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडलों की भागीदारी

दो दिवसीय समिट में एक हजार से अधिक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। जापान, ताइवान, दक्षिण कोरिया और स्वीडन के प्रतिनिधिमंडल भी शामिल हुए।

प्रदर्शनी में 57 प्रदर्शकों ने 70 बूथ और तीन बड़े स्टॉल के माध्यम से अपनी तकनीक प्रदर्शित की। एमपी सेमीकॉन स्टार्टअप चैलेंज के विजेताओं को कुल छह लाख रुपये के पुरस्कार दिए गए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य निवेश प्रस्तावों को वास्तविक परियोजनाओं में बदलना और मध्यप्रदेश को देश के प्रमुख तकनीकी केंद्रों में शामिल करना है।