बस्तर के मांझी-चालकी के मानदेय में बढ़ोतरी, अब हर महीने मिलेंगे 5,000 और 3,500 रुपये

जगदलपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने बस्तर संभाग के पारंपरिक सामाजिक नेतृत्वकर्ताओं मांझी और चालकी के मानदेय में बढ़ोतरी की है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर लिए गए इस फैसले के तहत अब मांझी को 2,000 रुपये के बजाय 5,000 रुपये और चालकी को 1,500 रुपये के बजाय 3,500 रुपये प्रति माह मानदेय मिलेगा।

राष्ट्रपति की मौजूदगी में हुई घोषणा

मानदेय बढ़ाने की घोषणा जगदलपुर के लालबाग मैदान में आयोजित आमसभा के दौरान संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने की। इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु भी मौजूद थीं। सरकार के इस निर्णय को बस्तर की पारंपरिक सामाजिक व्यवस्था और जनजातीय संस्कृति के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

38.52 लाख रुपये के बजट को मंजूरी

धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए मानदेय और सम्मान राशि मद में कुल 38 लाख 52 हजार रुपये के आवंटन और व्यय को प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति दी है।

जारी आदेश के अनुसार, अप्रैल से सितंबर 2026 तक की अवधि के भुगतान के साथ अक्टूबर 2026 से मार्च 2027 तक बढ़ी हुई दरों पर मानदेय देने की व्यवस्था की गई है। इससे बढ़ी हुई राशि के भुगतान की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हुआ है।

पारंपरिक व्यवस्था के संरक्षण पर जोर

संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय समाज के मान-सम्मान और उसकी गौरवशाली परंपराओं के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। बस्तर के सामाजिक संतुलन, सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक बस्तर दशहरा के आयोजन में मांझी और चालकी की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है।

मानदेय में बढ़ोतरी के जरिए सरकार ने पारंपरिक नेतृत्वकर्ताओं के योगदान को सम्मान देने और बस्तर की सामाजिक-सांस्कृतिक व्यवस्था को सहेजने पर जोर दिया है।