कोंडापार से थनौद तक पाइपलाइन निर्माण में लापरवाही का आरोप, जल संसाधन विभाग की आपत्ति के बावजूद वाहनों की आवाजाही जारी रहने का दावा
नवापारा-राजिम: महानदी मुख्य नहर की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। कोंडापार से थनौद तक पाइपलाइन बिछाने के काम में लगे ठेकेदार पर नहर के सर्विस बैंक पर लोडेड हाइवा और दूसरे भारी वाहन चलाने का आरोप है। स्थानीय लोगों और किसानों को आशंका है कि भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से नहर का तट कमजोर हो सकता है। इससे सिंचाई व्यवस्था और आसपास के गांवों के लिए खतरा पैदा होने की आशंका है।
जानकारी के मुताबिक, गंगरेल जलाशय से पानी कोंडापार तक लाने के लिए इंटेकवेल बनाया जाना है। इसके बाद पाइपलाइन के जरिए पानी को नया रायपुर तक पहुंचाने की योजना के तहत निर्माण कार्य चल रहा है। इसी दौरान निर्माण में लगे भारी वाहनों के महानदी मुख्य नहर के सर्विस बैंक पर चलने की शिकायत सामने आई है।
विभाग की आपत्ति के बाद भी आवाजाही का आरोप
बताया गया है कि जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान भारी वाहनों की आवाजाही पर आपत्ति जताई थी। इस संबंध में ठेकेदार को रोकने के लिए समझाइश देने के साथ पत्राचार भी किए जाने की बात कही गई है। इसके बावजूद हाइवा चलाए जाने का आरोप है। भारी वाहनों के टायरों से सर्विस बैंक पर निशान पड़ने और मिट्टी दबने की आशंका जताई जा रही है।
सिंचाई के दौरान बढ़ सकती है परेशानी
वर्तमान में महानदी मुख्य नहर से खरीफ फसलों की सिंचाई के लिए पानी छोड़ा जा रहा है। ऐसे में नहर के तट को नुकसान पहुंचने की स्थिति में खेतों, फसलों और आसपास के क्षेत्रों को नुकसान होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि, नहर के तट की मौजूदा स्थिति और संभावित खतरे की पुष्टि तकनीकी निरीक्षण से ही हो सकेगी।
किसानों ने कार्रवाई की मांग की
कोंडापार से थनौद तक के किसानों ने सर्विस बैंक पर भारी वाहनों की आवाजाही तत्काल रोकने, प्रभावित हिस्सों का तकनीकी निरीक्षण कराने और जरूरत के मुताबिक मरम्मत करने की मांग की है। किसानों का कहना है कि निर्माण कार्य में लगे वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग तय किया जाना चाहिए और नियमों की अनदेखी पाए जाने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
नहर की सुरक्षा और सिंचाई व्यवस्था को देखते हुए अब जल संसाधन विभाग और जिला प्रशासन की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। समय रहते जांच और जरूरी कदम उठाए जाने से संभावित नुकसान को रोका जा सकता है।