लद्दाख में हाईकोर्ट बेंच का उद्घाटन करेंगे CJI सूर्यकांत, स्थानीय लोगों को मिलेगा फायदा

लेह। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) न्यायमूर्ति सूर्यकांत 18 अक्टूबर को लेह में जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट की नवगठित लद्दाख बेंच का उद्घाटन करेंगे। कार्यक्रम में अटॉर्नी जनरल, सुप्रीम कोर्ट के चार अन्य न्यायाधीश और जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सहित कई न्यायिक अधिकारी शामिल होंगे।

लद्दाख में हाईकोर्ट बेंच शुरू होने से स्थानीय लोगों को न्यायिक प्रक्रिया तक पहुंचने में सुविधा मिलने की उम्मीद है। अब तक हाईकोर्ट से जुड़े कई मामलों के लिए लोगों को जम्मू या श्रीनगर जाना पड़ता था। लेह में बेंच स्थापित होने से लंबी दूरी की यात्रा और उससे जुड़ी परेशानियां कम हो सकती हैं।

दो महीने में तैयार हुई व्यवस्था

लद्दाख के मुख्य सचिव आशीष कुंद्रा ने शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि क्षेत्र की दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए लोगों को उनके घर के नजदीक न्याय उपलब्ध कराना जरूरी है। उन्होंने बताया कि बेंच स्थापित करने की प्रक्रिया करीब दो महीने में पूरी की गई।

कुंद्रा के मुताबिक, केंद्र सरकार ने लद्दाख की भौगोलिक चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए इस व्यवस्था की पहल की। इससे स्थानीय नागरिकों को हाईकोर्ट तक पहुंचने में पहले की तुलना में आसानी हो सकती है।

लद्दाख की अन्य मांगों पर भी बातचीत जारी

लद्दाख के राजनीतिक प्रतिनिधियों और केंद्रीय गृह मंत्रालय के बीच क्षेत्र की विभिन्न मांगों को लेकर बातचीत चल रही है। इनमें विधानसभा वाला केंद्रशासित प्रदेश बनाने और संविधान के अनुच्छेद 371 के तहत संवैधानिक सुरक्षा उपायों की मांग शामिल है।

हाईकोर्ट बेंच की स्थापना को क्षेत्र में न्यायिक सुविधाओं की पहुंच बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। हालांकि, इससे मामलों की सुनवाई और निपटारे में कितना समय बचेगा, यह व्यवस्था के संचालन के बाद स्पष्ट होगा।