जगदलपुर: बस्तर में आई बाढ़ ने कई परिवारों से उनका आशियाना छीन लिया। ऐसे मुश्किल वक्त में युवाओं की टीम ‘बस्तरिया बैक बेंचर्स’ ने दो जरूरतमंद परिवारों की मदद कर उन्हें रहने के लिए एक-एक कमरे के मकान बनाकर दिए। शनिवार को दोनों परिवारों ने नए घरों में प्रवेश किया।
दो महिलाओं को मिली बड़ी राहत
जगदलपुर के पास कुरुषपाल गांव में बाढ़ से केसावती कश्यप का मकान पूरी तरह ढह गया था। तीन छोटे बच्चों के साथ कुछ दिन राहत शिविर में रहने के बाद वह घर लौटीं, लेकिन सिर छिपाने के लिए कोई सुरक्षित जगह नहीं थी।
केसावती के मुताबिक, सरकार से उन्हें 1.30 लाख रुपये की सहायता मिली है, लेकिन नया मकान तैयार होने में समय लगता। ऐसे में युवाओं की टीम ने प्रोफाइल शीट से एक कमरे का घर बनाकर उन्हें राहत दी।
इसी गांव की देवकी भारती का मकान भी बाढ़ में तबाह हो गया। पति की मौत के बाद वह मजदूरी कर अपने दो बेटों और एक बेटी का पालन-पोषण करती हैं। युवाओं ने उनके लिए भी नया आशियाना तैयार कराया। दोनों परिवारों को मकान बनाने के लिए अपनी ओर से कोई खर्च नहीं करना पड़ा।
बाढ़ प्रभावितों तक पहुंचाई मदद
‘बस्तरिया बैक बेंचर्स’ के सदस्यों के मुताबिक, बाढ़ के शुरुआती तीन दिनों में टीम ने 3,000 से अधिक प्रभावित लोगों तक दो वक्त का भोजन पहुंचाया। इसी दौरान कुरुषपाल में कई घरों को बुरी तरह क्षतिग्रस्त देखा गया।
इसके बाद युवाओं ने आपस में पैसे जुटाकर उन परिवारों की मदद करने का फैसला किया, जिनके पास घर दोबारा बनाने के पर्याप्त साधन नहीं थे। कुछ अन्य लोगों ने भी इस पहल में सहयोग दिया।
टीम का कहना है कि वह आगे भी जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए ऐसे प्रयास जारी रखेगी