तिरुवनंतपुरम। केरलम विधानसभा ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग वाला प्रस्ताव पारित किया है। मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने सदन में यह प्रस्ताव पेश किया। प्रस्ताव में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए।
मतदाता सूची में सुधार की मांग
प्रस्ताव में SIR के दौरान मतदाता सूची से हटाए गए पात्र नागरिकों के मतदान के अधिकार बहाल करने की मांग की गई। इसमें कहा गया कि किसी भी योग्य मतदाता को वोट देने के अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।
इसके अलावा, चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति करने वाली समिति में प्रधानमंत्री, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और भारत के मुख्य न्यायाधीश को शामिल करने की मांग भी की गई।
LDF का समर्थन, भाजपा विधायकों ने किया विरोध
प्रस्ताव को वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) का समर्थन मिला, जबकि भाजपा के तीन विधायकों ने इसका विरोध किया। मुख्यमंत्री सतीशन ने इसे लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम बताया।
केरलम ऐसा प्रस्ताव पारित करने वाला देश का पहला राज्य बना है। हालांकि, विधानसभा में प्रस्ताव पारित होने से मुख्य चुनाव आयुक्त स्वतः पद से नहीं हटते। उन्हें हटाने की प्रक्रिया संविधान में निर्धारित प्रावधानों के अनुसार ही पूरी की जा सकती है।