बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के मेडिकल ग्रेजुएट छात्रों को बिलासपुर हाई कोर्ट से महत्वपूर्ण राहत मिली है। अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया है कि यदि राज्य सरकार ‘छत्तीसगढ़ मेडिकल, डेंटल एवं फिजियोथेरेपी अंडर ग्रेजुएट प्रवेश नियम 2025’ के तहत निर्धारित समय सीमा में नियुक्ति आदेश जारी नहीं करती है, तो एमबीबीएस छात्रों द्वारा निष्पादित अनिवार्य सेवा बांड स्वतः समाप्त माना जाएगा। ऐसे मामलों में छात्रों को बांड के आधार पर रोका नहीं जा सकता।