रायपुर, 20 दिसंबर। छत्तीसगढ़ में हो रहे 15 निकायों का चुनाव में जहां मतदाताओं का रूझान अच्छा दिखाई दे रहा है, वहीं कुछ मतदान केंद्रों में मतदाताओं को हो रही समस्याओं को लेकर झड़प भी होती दिखाई दे रही है। रायपुर जिले के बिरगांव, दुर्ग जिले के रिसाली नगर निगम और बिलासपुर के एक उपचुनाव वाले मतदान केंद्र में मतदाता और नेताओं की नाराजगी दिखाई दे रही है।
बिरगांव में फर्जी वोट डालने का मुद्दा गर्माया
बिरगांव नगर निगम वार्ड क्रमांक 1 में भाग संख्या 2 रूम नम्बर 3 में फर्जी वोट डालने का अजित जोगी युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप साहू ने विरोध किया। उन्होंने पीठासीन अधिकारी को लिखित में शिकायत दर्ज कर फर्जी वोट डालने वाले पर कार्यवाही करने की बात कही। प्रदीप साहू ने बताया कि दूसरे नाम का व्यक्ति पहले ही दूसरे के नाम पर वोट डाल कर चला जाता है।
जब उस नाम का व्यक्ति बूथ पर आता है, जिसे वोट डालना है, तब उसके नाम का सिग्नेचर पहले ही किया हुआ पाया जाता है, लेकिन मतदान केंद्र के पीठासीन अधिकारी से लेकर विभाग के अधिकारी यह कहते पाए जाते हैं कि हमें कुछ नहीं पता। यहां तक कि प्रत्याशी को भी बूथ के भीतर जाने से रोक दिया जाता है। इससे साफ जाहिर है कि सरकार की निगरानी में जीत के लिए सारा खेल हो रहा है।
दिव्यांग मतदाताओं हुए नाराज
रिसाली सेक्टर में नगर निगम में हो रहे चुनाव में दिव्यांग मतदाताओं को बूथ तक पहुंचने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मतदाताओं के परिजनों को दिव्यांगजनों को लेकर स्वयं ही आना पड़ रहा है। उनके लिए आयोग के द्वारा व्हील चेयर की व्यवस्था नहीं किए जाने की बात परिजन कह रहे हैं। दरअसल, विधानसभा और लोकसभा चुनाव में जिस तरह से निर्वाचन आयोग की पहल पर दिव्यांगों के लिए सारी व्यावस्थाएं की गई थी, लेकिन इस बार ऐसा कुछ भी नहीं किया गया, जिससे मतदाताओं में खासी नाराजगी देखी गई है।
वापस में भिड़े MLA और पूर्व Mayor
बिलासपुर में वार्ड क्रमांक 29 के उपचुनाव में विधायक शैलेष पांडेय और महापौर रामशरण यादव बूथ के अंदर पहुंच गए। दोपहर को शहर विधायक शैलेष पांडेय और महापौर रामशरण यादव समर्थकों के साथ बूथ के अंदर पहुंच गए। इस दौरान पीठासीन अधिकारी व मतदान अधिकारियों ने उन्हें निर्देश देना शुरू कर दिया। इसकी भनक लगते ही पूर्व महापौर किशोर राय और नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष अशोक विधानी और अन्य भाजपाई भी वहां पहुंच गए।
उन्होंने विरोध करते हुए हंगामा मचाना शुरू कर दिया। लिहाजा, दोनों पक्षों में तीखी बहस शुरू हो गई।
इसके बाद दोनों पक्ष आपस में उलझ गए और झूमाझटकी की स्थिति बन गई। किसी तरह दोनों पक्षों को बूथ से बाहर किया गया। गहमागहमी की स्थिति को देखते हुए मतदान केंद्र में मौजूद पुलिसकर्मियों ने दोनों पक्षों को बाहर निकाला।
हंगामे की खबर मिलते ही पुलिस अफसर भी वहां पहुंच गए। दोनों पार्टी के नेताओं को समझाइश देते हुए शांत कराया। विवाद के बाद यहां पुलिस अफसरों ने जवानों की तैनाती भी बढ़ा दी है। मतदान केंद्रों पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं।