गांधीनगर, 13 सितंबर। अपने समर्थकों के बीच दादा के नाम से मशहूर भूपेंद्रभाई रजनीकांतभाई पटेल आज सोमवार दोपहर 2 बजकर 20 मिनट पर गुजरात के 17वें मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेंगे। ज्ञात हो कि शनिवार को विजय रुपाणी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के शीर्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। गुजरात भाजपा (BJP) विधायक दल की बैठक में रविवार को सर्वसम्मति से 59 वर्षीय भाजपा नेता भूपेंद्र पटेल का चयन मुख्यमंत्री पद के लिए किया गया था। इस बैठक में भाजपा के 103 विधायक मौजूद थे। सोमवार को केवल मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलवायी जाएगी जबकि मंत्रिमंडल के सदस्यों के शपथ ग्रहण का कार्यक्रम दो दिन बाद किया जाएगा।
मिली जानकारी के अनुसार गृहमंत्री अमित शाह भी इस शपथ ग्रहण समारोह में उपस्थित रहेंगे। शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेने के लिए अमित शाह दोपहर 12 बजकर 30 मिनट पर अहमदाबाद पहुंच जाएंगे। बता दें कि भूपेंद्र पटेल पाटीदार समाज में एक मजबूत प्रभाव रखते हैं। भाजपा ने आगामी चुनाव में विजय हासिल करने के लिए इन्हें तैयार किया है।
राज्य सरकार में कभी मंत्री नहीं रहे पटेल
भूपेंद्र पटेल इससे पहले कभी भी राज्य सरकार में मंत्री नहीं रहे हैं। इसी प्रकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी 20 वर्ष पहले गुजरात के मुख्यमंत्री बनने से पहले कभी मंत्री नहीं रहे थे। नरेंद्र मोदी को 7 अक्टूबर, 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ दिलाई गयी थी। इसके बाद राजकोट विधानसभा सीट पर उपचुनाव में जीत हासिल कर, वह 24 फरवरी, 2002 को विधायक चुने गये थे। बता दें कि 182 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के 112 विधायकों में से अधिकतर इस बैठक में मौजूद थे।
आनंदीबेन पटेल के करीबी माने जाते हैं भूपेंद्र पटेल
अपने समर्थकों के बीच दादा के नाम से लोकप्रिय पटेल गुजरात की पूर्व मुख्यमंत्री तथा उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के करीबी माने जाते हैं। पटेल जिस विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं वह गांधीनगर लोकसभा सीट का ही एक भाग है। जहां से केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह भी यहां से सांसद रहे हैं। सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा रखने वाले पटेल का कहना है कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा और अमित शाह के आभारी हैं जिन्होंने उन्हें इतनी बड़ी जिम्मेदारी के काबिल समझा।
नगरपालिका से प्रदेश की राजनीति में शीर्ष पद तक का सफर
भूपेंद्र पटेल ने नगरपालिका स्तर के नेता से लेकर प्रदेश की राजनीति में शीर्ष पद तक का सफर तय किया है। उन्हें एक मृदुभाषी कार्यकर्ता के रूप में जाना जाता है। बता दें कि राजनीतिक हलकों में मुख्यमंत्री के पद के लिए जिन शीर्ष नेताओं के नाम की अटकलें चल रहीं थीं उनमें दूर-दूर तक भूपेंद्र पटेल का नाम नहीं था। राज्य की घाटलोडिया सीट से 2017 में भूपेंद पटेल ने पहली बार चुनाव लड़ा था और विजयी रहे थे। ये जीत उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी शशिकांत पटेल को एक लाख से अधिक वोटों से हराकर हासिल की थी। इस चुनाव में जीत का ये सबसे बड़ा अंतर था।