Road Accident : हादसों से लाल हो रही हैं सड़कें, वजहें तलाशना जरूरी…केस देखें

केस नंबर 1- 28 अगस्त देर रात को माना एयरपोर्ट रोड पर एक स्विफ्ट डिजायर कार मवेशी से टकरा गई। हादसे में कार सवार एक युवक बुरी तरह से घायल हो गया जबकि उसके दो साथियों की मौके पर ही मौत हो गई।

केस नंबर 2- 3 सितंबर को रायपुर के शारदा चौक इलाके में सुबह एक भीषण सड़क हादसा हुआ। जिसमें कार ने बाइक सवार को टक्कर मारी, जिससेबाइक सवार का पैर कटकर अलग हो गया। अस्पताल ले जाने के दौरान उसकी मौत हो गई है।

केस नंबर 3 रायपुर रिग रोड 2 पर सुबह दर्दनाक सड़क हादसे में युवक की मौके पर हो मौत हो गय। जिसमें अनियंत्रित ट्रक ने बाइक सवार दो युवक को अपनी चपेट में ले लिया। मौके पर ही युवक की मौत हो गई, जबकि एक युवक चोटिल हुआ।

केस नंबर 4- 16 अगस्त को तेज रफ्तार ट्रक ने खड़े ट्रक को टक्कर मारी, जिससे एक की मौके पर ही मौत, जबकि 6 घायल हुए थे। इनमे से दो की हालत गंभीर हैं। जिसे बाद में रायपुर रेफर किया गया था।

रायपुर, 9 सितंबर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर की सड़कों पर आए दिन लहूलुहान देखा जा रहा है। सरपट दौड़ती गाडिय़ा दुर्घटना का शिकार हो रही है, जिससे लोगों की जान जा रही है। सड़क हादसों में सबसे ज्यादा युवाओं की मौत हो रही है। सबसे बड़ा कारण सड़कों पर युवाओं में तेज रफ्तार से दौड़ती गाड़ियों के अलावा इन दिनों एक और कारण बन रहा है वह है सड़क के बीचों बीच बैठे हुए मवेशी है।

देखिए क्या कहते हैं आंकड़े

वर्ष 2021 के शुरूआती 8 महीनों में 311 लोगों को सड़क हादसे ने लील लिया, जबकि 813 लोग घायल हुए हैं। सड़क दुर्घटनाओं से लगातार हो रही मौतें यातायात व्यवस्था की पोल खोल रही है। क्योंकि यातायात पुलिस सड़क सुरक्षा को लेकर बीच-बीच में कई तरह के अवेयरनेस अभियान चलाते है। बावजूद सड़क हादसे थमने का नाम नहीं ले रहा है।

वाहन चाहे दुपहिया हो या चार या इससे अधिक, तेज रफ्तार, ओवरटेकिंग, ओवरलोडिंग और शराब पीकर वाहन चलाना, सड़कों पर बदस्तूर जारी है।

अगस्त महीना बना काल, 31 दिन में 33 मरे

यातायात पुलिस की ओर से तमाम सुरक्षा उपायों और जागरूकता के बाद भी सड़क हादसे कम नहीं हो रहे हैं। एक तरफ जहां सड़क दुर्घटनाएं बढ़ी है। वहीं मरने वालों की संख्या में भी काफी इजाफा हुआ है। सड़क हादसे की रफ्तार को इस बात से आंक सकते हैं, जिसमें सिर्फ अगस्त माह में 33 लोगों की जान खुनी सड़क दुर्घनाओं में हुई है। दरअसल, रायपुर में अगस्त महीना काल बनकर आया, जिसमें 134 सड़क दुर्घटनाएं हुई है। इसमें 33 लोगों ने अपनी जान गवाई है, जबकि 92 लोग घायल हुए हैं। इस सभी हादसे पर नजर दौड़ाने पर पता चला कि ज्यादातर मौतें बिना हेलमेट के बाइक चलाते वक्त दुर्घटना के शिकार हुए है।

लॉकडाउन में भी हुए हादसे

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में जनवरी से लेकर अगस्त तक के दुर्घटनाओं के आंकड़े हैरान कर देने वाले हैं, क्योंकि जनवरी से अगस्त के बीच करीब 2 माह कोरोना के चलते लॉकडाउन लगा हुआ था। बावजूद हादसों के आंकड़े कम नहीं हुए। यातायात पुलिस से मिले आंकड़ों के मुताबिक जनवरी से लेकर अगस्त तक राजधानी रायपुर में 1,114 दुर्घटनाएं हुई है। जिसमें से 311 लोगों की मौत हुई है। वहीं 813 लोग दुर्घटना में घायल हुए हैं।

लापरवाही से हो रही दुर्घटनाएं : एम आर मंडावी

यातायात विभाग के उप पुलिस अधीक्षक एम आर मंडावी ने बताया कि दुर्घटना के कई कारण होते हैं। जिसमें प्रमुख पब्लिक यातायात नियमों को जानते हैं, लेकिन उसका पालन नहीं करते हैं। लापरवाही ही लोगों की मौत का कारण बन रही है। एक्के-दुक्के घटनाओं को छोड़ दे तो अधिकांश दुर्घटना लोगों की लापरवाही के कारण हुई।

मंडावी ने कहा कि अगर लोग जरा सतर्क रहे तो 70 फीसदी दुर्घटना कम हो सकते हैं। पुलिस अधीक्षक एम आर मंडावी ने कहा कि, सड़क हादसा रोकने के लिए यातायात नियमों का प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाते हैं। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में हम यातायात संबंधी नियमों के बारे में जानकारी देते हैं। इसके अलावा हम चालानी कार्रवाई के माध्यम से उन्हें रोकने की कोशिश करते हैं। साथ ही स्पीड बाइक ड्राइव या शराब पीकर ड्राइव करने वालों पर अन्य उपकरणों के माध्यम से जांच कर कार्रवाई करते हैं।

राजधानी का यह हैं ब्लैक स्पॉट

  • टाटीबंध चौक से सरोना तक
  • पिंटू ढाबा से सेल खेड़ी ओवरब्रिज तक
  • जिंदल मोड़ से रिंग रोड 3 तिराहा जंक्शन तक
  • बस स्टैंड चौक मंदिर हसौद
  • महात्मा गांधी सेतु पुल से पारा गांव तक
  • मेटल पार्क मोड़ से धनेली नाला तक
  • सिलतरा मोड़ से सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के सामने तक
  • सिलतरा जीके टाउनशिप के सामने से चरोदा बायपास क्रॉसिंग तक
  • दैनिक भास्कर से सिंघानिया चौक तक

हादसों में मौत के आंकड़े माहवारमहीना मौत ( सड़क हादसा)

  • जनवरी 53
  • फरवरी 59
  • मार्च 44
  • अप्रैल 14
  • अप्रैल 14
  • मई 28
  • जून 39
  • जुलाई 41
  • अगस्त 33

माहवार हादसों पर एक नजर/ महीना सड़क हादसे की संख्या

  • जनवरी 206
  • फरवरी 205
  • मार्च 173
  • मार्च 173
  • अप्रैल 57
  • मई 75
  • जून 128
  • जुलाई 136

सड़क दुर्घटना में घायलों की स्थिति माहवार/ महीना घायलों की संख्या

  • जनवरी 171
  • फरवरी 150
  • मार्च 128
  • अप्रैल 38
  • मई 35
  • जून 88
  • जुलाई 111
  • अगस्त 92