रायपुर, 8 सितंबर। छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण का मुद्दा गरमाया हुआ है। बीजेपी धर्मांतरण के मुद्दे पर सरकार को घेरने पर कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही है। बीजेपी कार्यकर्ताओं द्वारा लगातार दो दिनों से इस मुद्दे को लेकर पुरानीबस्ती थाने का घेराव कर रहा है।
एकतरफा कार्रवाई के विरोध में जिला भाजपा के कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में बुधवार को विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान वीजेपी कार्यकत्ताओं ने पुरानी बस्ती थाने का घेराव करने निकले थे, लेकिन पुलिस ने बैरिकेट्स लगाकर रोक दिया। गुस्साए बीजेपी ने विशेष समाज के प्रतिनिधि के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है और कार्रवाई नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।

ज्ञात हो कि, मंगलवार को भी भाजपा के सैकड़ों कार्यकर्ता भाजपा जिला अध्यक्ष श्रीचंद सुंदरानी के नेतृत्व में पुरानी बस्ती थाने पहुंचकर दूसरे पक्ष को गिरफ्तार करने प्रदर्शन किये थे। साथ ही पुरानी बस्ती थाना प्रभारी को जिला अध्यक्ष श्रीचंद सुंदरानी ने लिखित में शिकायत देकर धर्मांतरण करने वाले लोगों व खुलेआम धर्मांतरण की बात कहने वाले व संविधान की प्रतियां जलाने की बात कहने वाले लोगों के खिलाफ अपराधिक मामले दर्ज करने के लिए बुधवार तक अल्टीमेटम भी दिया है।
दरअसल धर्मांतरण की शिकायत पर रायपुर के पुरानी बस्ती थाने में पादरी की पिटाई कर दी गई थी। अब इस मारपीट के मामले ने तूल पकड़ लिया है। धर्मांतरण के मुद्दे पर बीजेपी की जिला स्तरीय बैठक हुई थी। जिसमें मारपीट और एफआईआर को लेकर रणनीति बनाई गई थी। इस बैठक में पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, राजेश मूणत समेत कई नेता शामिल हुए थे।
पूर्व मंत्री राजेश मूणत ने कहा था कि अगर बीजेपी की तरफ से भी एफआईआर दर्ज नहीं की जाती है, तो धरना प्रदर्शन और आंदोलन के माध्यम से विरोध दर्ज कराया जाएगा। उन्होंने प्रादेशिक आंदोलन तक की चेतावनी दी थी।
बता दें कि रायपुर के भाटागांव इलाके में धर्मांतरण की शिकायत पर पुलिस ने ईसाई संगठन के लोगों को थाना बुलाया था। इस दौरान बड़ी संख्या में पहुंच गए असमाजिक तत्वों ने पहले थाना का घेराव किया, फिर थाने के भीतर जमकर हंगामा मचाते हुए थाना प्रभारी के कक्ष में पादरी की जूते से पिटाई कर दी थी।