बृहस्पत सिंह की फिसली जुबान…आदिवासियों को कहा अंगूठा छाप, मरकाम ने जताया कड़ा ऐतराज

रायपुर, 4 अगस्त। रामानुजगंज विधायक ​बृहस्पत सिंह की ग्रह दशा शायद अच्छी नहीं चल रही है। सिंहदेव से टकराव का मामला पूरी तरह शांत नहीं हुआ और फिर एक बार विधायक अपनी फिसली जुबान के कारण सुर्ख़ियों में आ गए हैं।

दरअसल विधायक ​बृहस्पत सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में विधायक मीडिया से चर्चा के दौरान सरगुजा के आदिवासियों को अंगूठा छाप कहते नजर आ रहे हैं। विधायक से पत्रकार ने विधानसभा में स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव के प्रति खेद प्रकट करने के बाद एफआईआर वापस लेने पर सवाल किया था। जिस पर विधायक बृहस्पत सिंह ने कहा कि आप पत्रकार है, बुद्धिजीवी है, पढ़े लिखे हैं। हमारे सरगुजा के अंगूठाछाप आदिवासियों की तरह प्रश्न पूछना उचित नहीं है।

विधायक का वीडियो वायरल होने के बाद भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा ने कड़ी आपत्ति जताई है। मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष विकास मरकाम ने कहा कि विवादित बयान देकर विधायक हमेशा सुर्ख़ियों में बने रहना चाहते हैं। मरकाम ने कहा कि इस बार एक आदिवासी विधायक ही अपने समाज को नीचे दिखाने का काम रहा है,जो समाज के लिए घातक है।

मरकाम ने कहा कि विधायक बृहस्पत सिंह अपने अशोभनीय शब्दों के लिए सार्वजनिक रूप से माफ़ी मांगे अन्यथा आदिवासी वर्ग उन्हें माफ़ नहीं करेगा। साथ ही उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा पुरे प्रदेशभर में आंदोलन करेगी,जिसके लिए स्वयं विधायक जिम्मेदार होंगे।

आपको बता दें कि रामानुजगंज-बलरामपुर विधानसभा सीट आदिवासी वर्ग के लिए आरक्षित सीट ही है, जिसमें सबसे अधिक मतदाता आदिवासी हैं। बृहस्पत सिंह स्वयं आदिवासी हैं और रामानुजगंज क्षेत्र से विधायक हैं। आज छत्तीसगढ़ में आदिवासी समाज नए आयाम गढ़ रहा है और आदिवासी समाज अपने सृजनशील, प्रगतिशील, दूरदर्शी अप्रतिम उपलब्धियों से गौरवान्वित है। ऐसे में एक आदिवासी नेता के द्वारा समाज को ही कटघरे में खड़े करना प्रश्नचिन्ह लगता है।