हाथरस गैंगरेप केस में पुलिस पर उठ रहे सवाल… आखिर क्या छिपा रही पुलिस…

एसपी विक्रांत वीर

एसपी विक्रांत वीरहाथरस

हाथरस गैंगरेप की घटना को लेकर उत्तर प्रदेश पुलिस पर एक बार फिर से सवाल उठ रहे हैं। घटना के बाद तक चुप्पी साधे हाथरस पुलिस ने पीड़िता की मौत के बाद कहा कि उसका रेप नहीं हुआ था। अब एसपी ने बयान दिया है कि रिपोर्ट में जबरन रेप किए जाने की पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने कहा है कि वे लोग फरेंसिक जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।
हाथरस एसपी ने कहा कि पीड़िता को अलीगढ़ के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। वहां की मेडिकल रिपोर्ट में पीड़िता के शरीर पर चोटों के निशान का उल्लेख किया गया है लेकिन जबरन सेक्सुअल इंटरकोर्स की पुष्टि नहीं हुई है।

फरेंसिक जांच रिपोर्ट का इंतजार
एसपी विक्रांत वीर ने कहा कि वो लोग अब फरेंसिक जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। अब तक डॉक्टरों का कहना है कि वे बलात्कार की पुष्टि नहीं कर सकते हैं। जब उन्हें एफएसएल रिपोर्ट मिलेगी, उसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

एसआईटी कर रही जांच
एसपी ने बताया कि एसआईटी (विशेष जांच दल) कल (बुधवार) को आई थी। उन्होंने गांव का दौरा किया था और पीड़ित परिवार से मुलाकात की थी। उन्होंने घटना स्थल का निरीक्षण भी किया था। टीम अभी भी गांव में है, परिवार से मिल रही है और आगे की जांच कर रही है।

14 सितंबर को पीडिता की मां और छोटा भाई खेत गए थे। भाई चारा लेकर वापस आ गया। मां और बहन खेतों में और चारा काट रही थीं। मां और बेटी में कुछ मीटर का ही फासला था। पहले से ताक में बैठे आरोपियों ने बच्ची के गले में पड़े दुपट्टे को खींचा जिससे उसके गले से आवाज तक नहीं निकल पाई। उसके साथ रेप किया और फेंककर चले गए। तब से मीडिया में लगातार गैंगरेप की खबरें छपती रहीं लेकिन पुलिस ने इसका खंडन नहीं किया।

मौत के बाद बोले रेप नहीं, और अब…
घटना के नौ दिनों के बाद पीड़िता को अस्पताल में होश आया। पंद्रह दिनों के बाद उसकी मौत हो गई। मौत के बाद सियासत तेज हुई तो पुलिस ने कहा कि लड़की के साथ रेप की पुष्टि नहीं हुई। पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर विवाद बढ़ा। अब एसपी कह रहे हैं कि लड़की के साथ जबरन रेप की पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल वे लोग फरेंसिक जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।

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