भोपाल में दीपावली पर 6 दिन बदला रहेगा ट्रैफिक प्लान, इन बाजारों में तय हुई पार्किंग व्यवस्था

भोपाल: दीपावली पर खरीदारी के लिए बाजारों में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए भोपाल यातायात पुलिस ने विशेष व्यवस्था की है। 4 से 9 नवंबर 2026 तक पुराने भोपाल, 10 नंबर मार्केट, न्यू मार्केट, एमपी नगर और बैरागढ़ में जरूरत के अनुसार ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया जाएगा। पुलिस ने लोगों से निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही वाहन खड़े करने की अपील की है।

पुराने भोपाल में पांच पार्किंग स्थल तय

पुराने शहर के जुमेराती, छोटे भैया चौराहा, घोड़ा नक्कास, हनुमानगंज और आजाद मार्केट में भीड़ के अनुसार यातायात बदलेगा। यहां बाल विहार ग्राउंड, मोती मस्जिद के सामने नगर निगम की मल्टीलेवल पार्किंग, कोतवाली थाने के पास, भवानी चौक और मोती मस्जिद के बीच तथा सेंट्रल लाइब्रेरी मैदान में पार्किंग की व्यवस्था रहेगी।

भीड़ बढ़ने पर लोडिंग वाहन, ऑटो और चार पहिया वाहनों को बाजार के अंदर जाने से रोका जा सकता है। कुछ इलाकों से आने वाले वाहनों के लिए अलग-अलग पार्किंग स्थल तय किए गए हैं।

10 नंबर मार्केट में वन-वे व्यवस्था

10 नंबर मार्केट में जरूरत के अनुसार वन-वे लागू किया जा सकता है। वाहन वंदे मातरम चौराहे से बाजार की ओर जा सकेंगे और तिराहे से नेशनल अस्पताल की तरफ निकलेंगे। पार्किंग के लिए बिट्टन मार्केट, नगर निगम पार्किंग और मनोहर डेयरी के पास की जगह तय की गई है।

न्यू मार्केट, एमपी नगर और बैरागढ़ में पार्किंग

न्यू मार्केट आने वाले लोग टीटी नगर थाना चौराहे के पास मल्टीलेवल पार्किंग का उपयोग कर सकेंगे। जगह भरने पर आसपास के रास्तों पर यातायात बदला जाएगा।

एमपी नगर जोन-1 में मल्टीलेवल और निर्धारित पार्किंग स्थलों का उपयोग करने की सलाह दी गई है। बैरागढ़ में व्यापारियों के लिए पंचल चौराहे के पास मल्टीलेवल पार्किंग और ग्राहकों के लिए छोटे पार्किंग स्थल उपलब्ध रहेंगे।

यातायात पुलिस ने व्यापारियों से सामान की लोडिंग-अनलोडिंग रात 12 बजे से सुबह 7 बजे के बीच करने को कहा है। नागरिकों से सार्वजनिक यात्री वाहनों का उपयोग करने की अपील भी की गई है।

पटाखे जलाते समय बच्चों पर रखें नजर

दीपावली के दौरान दुर्घटनाओं से बचने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने भी एडवाइजरी जारी की है। विभाग ने खुले और सुरक्षित स्थानों पर पटाखे जलाने तथा बच्चों को केवल वयस्कों की निगरानी में आतिशबाजी करने देने की सलाह दी है।

पटाखे जलाते समय सूती कपड़े और बंद जूते पहनें। पास में पानी या रेत से भरी बाल्टी रखें। अनार, चकरी और बम को हाथ में रखकर न जलाएं। रॉकेट को हाथ से या आड़ी दिशा में न छोड़ें। जो पटाखा नहीं फूटे, उसके पास कम से कम 20 मिनट तक न जाएं। बाद में उस पर पानी डालकर निष्क्रिय करें।

अस्थमा और हृदय रोगियों को सावधानी की सलाह

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार पटाखों का धुआं सांस और हृदय संबंधी समस्याएं बढ़ा सकता है। अस्थमा और ब्रोंकाइटिस के मरीजों को आतिशबाजी के दौरान घर के अंदर रहने की सलाह दी गई है। तेज आवाज वाले पटाखों से भी बचने को कहा गया है।

पटाखे से जलने पर प्रभावित हिस्से को तुरंत साफ बहते पानी से ठंडा करें। आंख में चोट लगने पर उसे रगड़ने के बजाय साफ पानी से धीरे-धीरे धोएं और डॉक्टर से सलाह लें। गंभीर जलने या गहरी चोट की स्थिति में तुरंत अस्पताल पहुंचें।