SIR विरोध प्रदर्शन: CJP संस्थापक अभिजीत दीपके गिरफ्तार, नेहा बोरा रिहा

नई दिल्ली: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके को गिरफ्तार कर लिया। वहीं, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा को शनिवार सुबह रिहा कर दिया गया।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दीपके को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126 और 170 के तहत कार्रवाई के बाद स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाना था। इन धाराओं के तहत संभावित शांति भंग होने की आशंका और संज्ञेय अपराध को रोकने के लिए निवारक कार्रवाई की जा सकती है।

आठ दिन में दूसरी बार कार्रवाई

दीपके को इससे पहले 10 अक्टूबर को दिल्ली एयरपोर्ट पर हिरासत में लिया गया था और अगले दिन छोड़ दिया गया था। शुक्रवार को कनॉट प्लेस में प्रस्तावित ‘लहरा दो तिरंगा’ रैली से पहले उन्हें फिर हिरासत में लिया गया। बाद में पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी की जानकारी दी।

इसी मामले में नेहा बोरा समेत करीब 150 लोगों को भी हिरासत में लिया गया था। पुलिस के अनुसार, नेहा को शनिवार सुबह करीब पांच बजे रिहा कर दिया गया।

SIR रोकने और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग

CJP ने SIR प्रक्रिया रोकने, जनवरी 2025 की मतदाता सूची बहाल करने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति से जुड़े 2023 के कानून में बदलाव की मांग भी उठाई है।

इस बीच, केरल के तिरुवनंतपुरम में दिल्ली पुलिस के खिलाफ जीरो एफआईआर दर्ज किए जाने की खबर है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि 13 अक्टूबर को दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने उनके साथ मारपीट और दुर्व्यवहार किया। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती।

अभिनेता और सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश राज ने भी कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त और SIR के खिलाफ देशभर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन जारी रहेंगे।