कम मजदूरी और गाली-गलौज से नाराज मजदूरों ने की मछली व्यापारी की हत्या, पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा

धमतरी। जिले में मछली व्यापारी की हत्या के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि व्यापारी की हत्या किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि उसी के यहां काम करने वाले मजदूरों ने की थी। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उन्हें लंबे समय से कम मजदूरी मिल रही थी और वे वेतन बढ़ाने की मांग कर रहे थे। लेकिन व्यापारी न सिर्फ उनकी मांग ठुकरा देता था, बल्कि गाली-गलौज कर अपमानित भी करता था। इसी रंजिश के चलते उन्होंने हत्या की साजिश रची।

पहले बनाई योजना, फिर सुनसान जंगल में उतारा मौत के घाट

पुलिस के अनुसार मृतक विप्लव मंडल निजी फिश फार्म का संचालन करता था। आरोपी उसके यहां मजदूरी करते थे। 25 जून को हत्या की योजना बनाई गई थी, लेकिन उसे अंजाम नहीं दिया जा सका। इसके बाद 27 जून को दोबारा हत्या और लूट की साजिश रची गई।

आरोपियों ने व्यापारी की गतिविधियों पर नजर रखी। नगरी बाजार से मछली बेचकर लौटने की सूचना मिलने पर वे गोरेगांव-भैंसमुड़ा मार्ग के सुनसान जंगल में छिपकर उसका इंतजार करने लगे। व्यापारी के पहुंचते ही लकड़ी के डंडों और धारदार हथियारों से ताबड़तोड़ हमला कर उसकी हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी मछली बिक्री की नगदी और मोबाइल फोन लेकर फरार हो गए।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद खुला हत्या का मामला

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होने पर नगरी थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1), 309(6) और 311 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। नगरी पुलिस और साइबर टीम ने संदेहियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उन्होंने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटी गई 37,800 रुपये की नगदी, मृतक के दो मोबाइल फोन, घटना में इस्तेमाल किए गए चार अन्य मोबाइल, तीन लकड़ी के डंडे, दो लोहे के चाकू और दो मोटरसाइकिल बरामद की हैं।

तीन आरोपी गिरफ्तार, दो नाबालिग भी शामिल

पुलिस ने मामले में टंकेश्वर नेताम उर्फ मयंक नेताम (19 वर्ष), सुरेंद्र यादव (26 वर्ष) और जगदीश विश्वकर्मा (50 वर्ष), सभी निवासी ग्राम बोईरगांव, थाना मैनपुर, जिला गरियाबंद को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। वहीं, घटना में शामिल दो नाबालिगों की पहचान कर उन्हें किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया गया है।