रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गुरुवार रात अचानक सभी मंत्रियों को मुख्यमंत्री निवास तलब किया। रात 9 बजे बुलाए गए इस आपात संदेश के बाद कई मंत्रियों ने अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम रद्द किए और रायपुर पहुंचे। बैठक की सूचना मिलते ही राजनीतिक गलियारों में मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया।
करीब चार घंटे तक चली उच्चस्तरीय बैठक
मुख्यमंत्री निवास में रात करीब 9:30 बजे शुरू हुई बैठक देर रात लगभग 1:30 बजे समाप्त हुई। करीब चार घंटे चली इस बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, सभी मंत्री, प्रदेश संगठन मंत्री पवन साय और क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल मौजूद रहे।
बैठक में सरकार के अब तक के लगभग ढाई वर्ष के कार्यकाल की समीक्षा की गई। साथ ही आगामी ढाई वर्षों की कार्ययोजना, विभिन्न विभागों के प्रदर्शन, सुशासन तिहार के फीडबैक और सत्ता तथा संगठन के बीच बेहतर समन्वय जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। मंत्रियों से उनके विभागों से जुड़े सुझाव भी लिए गए।
ये मंत्री रहे बैठक में शामिल
बैठक में उपमुख्यमंत्री अरुण साव, विजय शर्मा, मंत्री केदार कश्यप, गुरु खुशवंत साहेब, दयाल दास बघेल, लक्ष्मी राजवाड़े, टंकराम वर्मा, लखन लाल देवांगन, श्याम बिहारी जायसवाल सहित अन्य मंत्री शामिल हुए। बैठक के समय और अचानक बुलावे को लेकर दिनभर सियासी अटकलें लगती रहीं।
मंत्रिमंडल फेरबदल पर मंत्रियों ने क्या कहा?
कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम ने मंत्रिमंडल में बदलाव की चर्चाओं को महज अटकल बताते हुए कहा कि सभी मंत्री पूरी तरह सुरक्षित हैं और सरकार मजबूती से काम कर रही है।
वहीं, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने स्पष्ट किया कि यह सत्ता और संगठन के बीच नियमित अंतराल पर होने वाली समन्वय बैठक थी। उन्होंने कहा कि प्रभार वाले जिलों में विकास कार्यों, संगठन और सरकार के तालमेल समेत कई अहम विषयों पर चर्चा हुई। साथ ही उन्होंने कोरिया जिले की हालिया घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और प्रदेश के हित में सरकार हर जरूरी कदम उठाएगी।