छत्तीसगढ़ में बिजली उपभोक्ताओं को राहत और नए नियम लागू…400 यूनिट तक हाफ बिल योजना जारी रहेगी, जानिए पूरी जानकारी

 रायपुर :  छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने स्पष्ट किया है कि राज्य के घरेलू उपभोक्ताओं को 400 यूनिट तक की खपत पर मिलने वाला हाफ बिजली बिल का लाभ नए टैरिफ लागू होने के बाद भी जारी रहेगा। कंपनी के प्रबंध निदेशक भीमसिंह कंवर ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी दी।

हाफ बिजली बिल योजना पहले की तरह जारी रहेगी

उन्होंने बताया कि जिन घरेलू उपभोक्ताओं की मासिक खपत 400 यूनिट तक है, उन्हें 200 यूनिट तक हाफ बिल योजना का लाभ पहले की तरह मिलता रहेगा। यह योजना मुख्य रूप से निम्न आय वर्ग के उपभोक्ताओं के लिए है और इसमें किसी प्रकार की कटौती नहीं की गई है।

बिजली दरों में मामूली वृद्धि, अन्य राज्यों से अब भी कम दरें

कंपनी के अनुसार नए टैरिफ के तहत घरेलू उपभोक्ताओं पर औसतन 15 से 20 पैसे प्रति यूनिट तक की वृद्धि दर्ज की गई है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि इसके बावजूद छत्तीसगढ़ की बिजली दरें झारखंड, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे राज्यों की तुलना में अब भी कम हैं।

सोलर योजना से शून्य बिल की संभावना

अधिकारियों ने बताया कि पीएम सूर्यघर योजना के तहत उपभोक्ता अपने घरों में सोलर पैनल लगाकर 400 यूनिट की सीमा के भीतर खपत नियंत्रित कर सकते हैं। इससे कई उपभोक्ताओं का बिजली बिल शून्य तक हो सकता है।

देरी से बिल भुगतान पर नया नियम लागू

अब बिजली बिल का भुगतान समय पर न करने पर प्रति दिन के हिसाब से विलंब शुल्क लगाया जाएगा। पहले यह शुल्क मासिक दर पर 1.5 प्रतिशत था, जिसे अब 0.04 प्रतिशत प्रतिदिन कर दिया गया है। इसके तहत उपभोक्ताओं को केवल देरी की अवधि का ही अतिरिक्त भुगतान करना होगा।

अन्य श्रेणियों में भी राहत का प्रावधान

बस्तर और सरगुजा क्षेत्र के आदिवासी विकास प्राधिकरण के अंतर्गत आने वाले छात्रावासों को व्यवसायिक श्रेणी से हटाकर घरेलू श्रेणी में शामिल किया गया है, जिससे उन्हें बिजली दरों में राहत मिलेगी।

इसके अलावा 10 किलोवाट से अधिक स्वीकृत भार वाले घरेलू और गैर-घरेलू उपभोक्ताओं को ऑफ पीक समय (सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक) में बिजली उपयोग पर 20 पैसे प्रति यूनिट की छूट दी जाएगी।