रेप पीड़िता की प्रेग्नेंसी मामले में हाईकोर्ट का बड़ा आदेश! मेडिकल बोर्ड करेगा जांच, अगली सुनवाई पर आएगी रिपोर्ट

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में एक रेप पीड़िता द्वारा अपनी प्रेग्नेंसी समाप्त करने की अनुमति को लेकर दायर याचिका पर अहम सुनवाई हुई है। मामले की सुनवाई जस्टिस रविंद्र अग्रवाल की वेकेशन बेंच में हुई, जिसके बाद कोर्ट ने मेडिकल बोर्ड गठित करने का निर्देश दिया है।

पीड़िता ने मांगी गर्भ समाप्त करने की अनुमति

जानकारी के अनुसार पीड़िता ने अदालत में हलफनामा दाखिल कर मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (MTP) की अनुमति मांगी है। याचिका में बताया गया है कि वह एक रेप सर्वाइवर है और जब पुलिस को मामला दर्ज हुआ था, तब वह लगभग 12 सप्ताह की गर्भवती थी। वर्तमान में गर्भावस्था करीब 15 सप्ताह तक पहुंच चुकी है।

पीड़िता ने यह भी कहा है कि वह अब 18 वर्ष की हो चुकी है और अपनी इच्छा से गर्भ समाप्त कराना चाहती है।

हाईकोर्ट ने मेडिकल बोर्ड गठन के दिए निर्देश

कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी एक्ट 1971 (संशोधित 2021) की धारा 3 के तहत मेडिकल बोर्ड गठित करने का आदेश दिया है।

इस बोर्ड में स्त्री रोग विशेषज्ञ (गाइनेकोलॉजिस्ट), बाल रोग विशेषज्ञ (पीडियाट्रिशियन), रेडियोलॉजिस्ट, सोनोलॉजिस्ट सहित अन्य आवश्यक विशेषज्ञ शामिल होंगे।

कोरबा जिला अस्पताल में होगा मेडिकल परीक्षण

अदालत ने निर्देश दिया है कि पीड़िता 12 जून 2026 को दोपहर 2 बजे कोरबा जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी के समक्ष मेडिकल बोर्ड के सामने पेश हो। यह बोर्ड पीड़िता की शारीरिक और मानसिक स्थिति की जांच करेगा।

रिपोर्ट के आधार पर आगे होगी सुनवाई

मेडिकल बोर्ड अपनी विस्तृत रिपोर्ट अगली सुनवाई में हाईकोर्ट के समक्ष पेश करेगा। इसके बाद अदालत इस मामले में आगे का निर्णय लेगी।

संवेदनशील मामले पर टिकी नजरें

यह मामला बेहद संवेदनशील होने के कारण कानूनी और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है। अब सभी की नजर मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट और हाईकोर्ट के आगामी फैसले पर टिकी हुई है।