रायपुर, 10 जून 2026 कृषि विभाग द्वारा किसानों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिसके सकारात्मक परिणाम अब कोंडागांव जिले में दिखाई देने लगे हैं। बड़ेराजपुर विकासखण्ड के प्रगतिशील किसान श्री अशोक शार्दुल नैनो उर्वरकों के सफल उपयोग से खेती में उल्लेखनीय परिवर्तन लाने वाले किसानों में शामिल हैं। नैनो डीएपी एवं नैनो यूरिया के उपयोग से उन्होंने न केवल उत्पादन बढ़ाया है, बल्कि खेती की लागत में भी कमी लाकर अपनी आय में वृद्धि की है।
श्री अशोक शार्दुल पिछले दो वर्षों से अपनी 16 एकड़ कृषि भूमि में धान एवं मक्का की खेती कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पहले प्रति एकड़ लगभग 50 किलोग्राम दानेदार डीएपी का उपयोग करना पड़ता था, जिस पर करीब 1,850 रुपये का खर्च आता था। कृषि विभाग के मार्गदर्शन में नैनो डीएपी के उपयोग की शुरुआत करने के बाद उर्वरक की आवश्यकता में लगभग 50 प्रतिशत तक कमी आई है।
वर्तमान में वे प्रति एकड़ मात्र दो बोतल नैनो डीएपी का उपयोग कर रहे हैं, जिस पर लगभग 1,200 रुपये का खर्च आता है। इससे उर्वरक लागत में कमी आई है और उत्पादन में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। जहां पहले प्रति एकड़ 20 से 25 क्विंटल उत्पादन प्राप्त होता था, वहीं अब 30 से 35 क्विंटल तक उत्पादन मिल रहा है।
श्री शार्दुल बताते हैं कि नैनो डीएपी एवं नैनो यूरिया के छिड़काव से पोषक तत्व पत्तों से सीधे पौधों तक पहुंचते हैं, जिससे फसलों को संतुलित एवं प्रभावी पोषण मिलता है। इसके परिणामस्वरूप पौधों की वृद्धि बेहतर होती है, जड़ें मजबूत बनती हैं तथा फसलों की रोग एवं कीटों से लड़ने की क्षमता भी बढ़ती है। साथ ही मृदा स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है, जिससे खेती अधिक टिकाऊ और पर्यावरण अनुकूल बन रही है। नैनो उर्वरकों के उपयोग से प्राप्त सकारात्मक परिणामों ने श्री अशोक शार्दुल को खेती किसानी से अच्छी आमदनी प्राप्त हो रही है, जो कि उस क्षेत्र के किसानों के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नैनो उर्वरकों का बढ़ता उपयोग कृषि क्षेत्र में लागत कम करने, उत्पादन बढ़ाने तथा पर्यावरण संरक्षण के साथ टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। आधुनिक तकनीकों को अपनाकर किसान कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त कर अपनी आय को बढ़ा सकते हैं।