दादा के दशकर्म से पहले घर में मचा कोहराम, तालाब में डूबने से दो सगे भाइयों की मौत…एक ही सप्ताह में परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

 बिलासपुर :  सीपत थाना क्षेत्र स्थित ग्राम नरगोड़ा में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को स्तब्ध कर दिया। गांव के नए तालाब में नहाने गए दो सगे मासूम भाइयों की डूबने से मौत हो गई। इस घटना ने न केवल एक परिवार की खुशियां छीन लीं, बल्कि पूरे गांव को शोक में डुबो दिया। सबसे दुखद बात यह है कि परिवार पहले से ही एक बुजुर्ग सदस्य के निधन के गम से गुजर रहा था और अब इस हादसे ने दुख को कई गुना बढ़ा दिया है।

नहाने गए थे तीन दोस्त, गहरे पानी में समा गए दोनों भाई

जानकारी के अनुसार नरगोड़ा निवासी किशोर कुमार खरे के बेटे ऋषभ कुमार खरे और रितेश कुमार खरे शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे अपने मित्र निहाल के साथ गांव के नए तालाब में नहाने पहुंचे थे। नहाते समय दोनों भाई अनजाने में गहरे पानी की ओर चले गए और देखते ही देखते डूबने लगे।उनके साथ मौजूद निहाल घबरा गया और तत्काल गांव पहुंचकर परिजनों तथा ग्रामीणों को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग तालाब की ओर दौड़ पड़े।

ग्रामीणों ने बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन नहीं बच सकी जान

ग्रामीण जोगीराम सूर्यवंशी और अन्य लोगों ने तत्काल तालाब में उतरकर दोनों बच्चों की तलाश शुरू की। काफी मशक्कत के बाद दोनों को पानी से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं। मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें बचाने का हर संभव प्रयास किया, मगर सफलता नहीं मिल सकी।

पुलिस जांच में जुटी, पोस्टमार्टम के बाद सौंपे गए शव

घटना की सूचना मिलते ही सीपत पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक जांच में मौत का कारण तालाब के गहरे पानी में डूबना पाया गया है। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद पोस्टमार्टम कराया गया और दोनों बच्चों के शव परिजनों को सौंप दिए गए।

दादा के निधन का गम भी नहीं भूला था परिवार, अब दो मासूमों की मौत ने तोड़ दिया हौसला

परिजनों के अनुसार बच्चों के दादा का हाल ही में निधन हुआ था और रविवार को उनका दशकर्म कार्यक्रम आयोजित होना था। इसी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बच्चों के पिता, जो रोजगार के सिलसिले में दिल्ली में रहते हैं, गुरुवार को ही परिवार के साथ गांव पहुंचे थे।परिवार अभी बुजुर्ग सदस्य के निधन के दुख से उबर भी नहीं पाया था कि अगले ही दिन दो मासूम बेटों की मौत ने घर को मातम में डुबो दिया। एक ही सप्ताह के भीतर परिवार पर आई दो बड़ी त्रासदियों ने सभी को झकझोर कर रख दिया है।

मां का रो-रोकर बुरा हाल, पूरे गांव में पसरा मातम

इस हादसे के बाद बच्चों की मां की स्थिति सबसे ज्यादा दर्दनाक बताई जा रही है। जिन बेटों की किलकारियों से घर गूंजता था, उनके अचानक चले जाने का सदमा परिवार के लिए असहनीय बन गया है। गांव के लोग लगातार परिजनों को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं, लेकिन इस अपूरणीय क्षति के सामने हर शब्द छोटा पड़ता नजर आ रहा है।

तालाबों में सुरक्षा को लेकर फिर उठे सवाल

इस घटना के बाद एक बार फिर खुले जलस्रोतों और तालाबों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों की सुरक्षा और जलाशयों के पास सतर्कता को लेकर जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं को रोका जा सके।