लाइफ लाइन अस्पताल पर स्वास्थ्य विभाग का औचक निरीक्षण, कई खामियां मिलने पर जारी हुआ नोटिस

मुंगेली :  जिला मुख्यालय स्थित लाइफ लाइन अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अचानक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। जांच के दौरान अस्पताल संचालन और आयुष्मान भारत योजना से जुड़े कई बिंदुओं पर कमियां सामने आने के बाद अस्पताल प्रबंधन को नोटिस जारी किया गया है। साथ ही निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी खामियों को दूर करने के निर्देश दिए गए हैं।

कलेक्टर के निर्देश पर हुई कार्रवाई

जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने और आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के प्रभावी क्रियान्वयन की निगरानी के लिए प्रशासन लगातार सक्रिय है। इसी क्रम में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शीला साहा के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लाइफ लाइन अस्पताल का औचक निरीक्षण किया।

मरीजों और परिजनों से सीधे ली जानकारी

निरीक्षण के दौरान टीम ने आयुष्मान भारत योजना के तहत भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से सीधे बातचीत की। उपचार व्यवस्था, अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं और योजना के लाभों को लेकर फीडबैक लिया गया।स्वास्थ्य अधिकारियों ने यह भी परखा कि मरीजों को योजना के तहत मिलने वाली सुविधाएं निर्धारित मानकों के अनुसार उपलब्ध कराई जा रही हैं या नहीं।

जांच में सामने आईं कई कमियां

निरीक्षण के दौरान आयुष्मान भारत योजना से संबंधित सूचना बोर्ड, आरक्षित बेडों के चिन्हांकन, लाइसेंस संबंधी दस्तावेजों और अस्पताल संचालन से जुड़े विभिन्न मानकों में कई कमियां पाई गईं।मरीजों से प्राप्त जानकारी के आधार पर भी योजना के नियमों और प्रावधानों के पालन में सुधार की आवश्यकता महसूस की गई, जिसके बाद अस्पताल प्रबंधन को आवश्यक निर्देश जारी किए गए।

नोटिस जारी, सुधार के लिए मिला समय

स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल प्रबंधन को नोटिस जारी कर सभी कमियों को तय समय सीमा के भीतर दूर करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित अवधि में सुधार नहीं होने पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई भी की जा सकती है।

मरीजों के अधिकारों से समझौता बर्दाश्त नहीं

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शीला साहा ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को गुणवत्तापूर्ण और पूरी तरह निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।उन्होंने स्पष्ट किया कि योजना के नियमों का उल्लंघन या मरीजों के अधिकारों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।

स्वास्थ्य विभाग की टीम रही मौजूद

निरीक्षण के दौरान नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. कमलेश कुमार, प्रभारी जिला आयुर्वेद अधिकारी डॉ. प्रशांत ठाकुर सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे।

स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रशासन की सख्त नजर

जिले में निजी और शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों की कार्यप्रणाली पर प्रशासन लगातार निगरानी रख रहा है। अधिकारियों का कहना है कि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने और सरकारी योजनाओं का लाभ सही तरीके से पहुंचाने के लिए इस तरह के निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे।