खाद की कालाबाजारी पर बिलासपुर प्रशासन का बड़ा एक्शन…छापेमारी में भारी मात्रा में उर्वरक जब्त, गोदाम किए गए सील

बिलासपुर : जिले में खाद की कालाबाजारी और अवैध भंडारण के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चलाए जा रहे अभियान के तहत मल्हार और सेन्दरी क्षेत्र में छापेमारी की गई, जहां बड़ी मात्रा में छिपाकर रखा गया उर्वरक बरामद हुआ।प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद संबंधित कारोबारियों में हड़कंप की स्थि है।

अग्रवाल खाद भंडार से बरामद हुई विभिन्न प्रकार की खाद

जांच टीम ने मल्हार स्थित अग्रवाल खाद भंडार में छापेमारी के दौरान यूरिया, एनपीके और एसएसपी खाद का भंडारण पाया। वहीं सेन्दरी में स्थित बंसल फर्टिलाइजर में भी बड़ी मात्रा में खाद छिपाकर रखे जाने की जानकारी मिली, जिसे अधिकारियों ने जब्त कर लिया।अधिकारियों ने पूरे स्टॉक का सत्यापन कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

अवैध भंडारण मिलने पर गोदाम किए गए सील

जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन और अवैध भंडारण सामने आने के बाद संबंधित गोदामों को सील कर दिया गया है।प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार मामले में आवश्यक वस्तु अधिनियम और उर्वरक नियंत्रण आदेश के तहत कानूनी कार्रवाई की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद दोषियों पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

किसानों को खाद की कमी न हो, इसलिए प्रशासन सतर्क

खरीफ सीजन को देखते हुए जिला प्रशासन खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लगातार निगरानी कर रहा है। किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए सहकारी समितियों को शनिवार और रविवार को भी खुला रखने का निर्णय लिया गया है।इस कदम का उद्देश्य किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराना और कालाबाजारी पर रोक लगाना है।

खरीफ सीजन के लिए मिला बड़ा लक्ष्य

जिले को खरीफ सीजन के लिए 68,950 मीट्रिक टन खाद वितरण का लक्ष्य दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराया जा रहा है।

खाद की उपलब्धता को लेकर प्रशासन का दावा

अधिकारियों के मुताबिक जिले में वर्तमान समय में विभिन्न प्रकार की खाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। इनमें प्रमुख रूप से:

  • यूरिया
  • डीएपी
  • पोटाश
  • एनपीके
  • एसएसपी

शामिल हैं।

कालाबाजारी करने वालों पर रहेगी कड़ी नजर

प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि खाद की कृत्रिम कमी पैदा करने, अवैध भंडारण करने या अधिक कीमत पर बिक्री करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। खरीफ सीजन के दौरान निगरानी और जांच अभियान लगातार चलाया जाएगा ताकि किसानों को किसी प्रकार की दिक्कत का सामना न करना पड़े।