मौसम ने बदली करवट, 17 राज्यों में आंधी-बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी

नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में मौसम एक बार फिर तेजी से बदलने वाला है। भारतीय मौसम विभाग ने 17 राज्यों में तेज आंधी, भारी बारिश और कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। उत्तर भारत से लेकर पहाड़ी क्षेत्रों तक मौसम का यह बदला हुआ रुख लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकता है।

40 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मौसम विभाग के अनुसार कई राज्यों के अलग-अलग जिलों में आज तेज हवाएं चलने की संभावना है, जिनकी गति 40 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। कुछ क्षेत्रों में ओले गिरने की भी आशंका जताई गई है। वहीं दक्षिण भारत में मानसून के आगमन की हलचल भी तेज हो गई है।

दिल्ली-एनसीआर में मौसम का बदला मिजाज

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में बारिश का सिलसिला फिलहाल थम गया है, लेकिन आंशिक बादल छाए रहने की संभावना बनी हुई है। दोपहर बाद तेज हवाएं चल सकती हैं, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।

उत्तर प्रदेश और बिहार में बारिश का असर

उत्तर प्रदेश में रविवार की तेज आंधी और बारिश के बाद आज भी कई जिलों में मौसम बिगड़ सकता है। उत्तर-पश्चिमी यूपी और उत्तराखंड से सटे इलाकों में भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है।

बिहार में इस सप्ताह गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है, हालांकि पटना और आसपास के क्षेत्रों में गर्मी अभी भी लोगों को परेशान कर सकती है।

राजस्थान में राहत के साथ चुनौती भी

राजस्थान में अगले एक सप्ताह तक कई जिलों में तेज हवाओं और बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। इससे जहां कुछ इलाकों में गर्मी से राहत मिलेगी, वहीं अजमेर, कोटा और भरतपुर जैसे क्षेत्रों में तापमान अभी भी परेशानी का कारण बना रह सकता है।

पहाड़ी राज्यों में बिगड़ सकता है मौसम

हिमाचल प्रदेश में 4 से 6 जून के बीच मौसम के ठंडा रहने का अनुमान है। शिमला, कांगड़ा और चंबा जैसे क्षेत्रों में आंधी और बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

उत्तराखंड में भी पूरे सप्ताह बारिश का अलर्ट है, जिससे सामान्य जनजीवन और पर्यटन पर असर पड़ सकता है। मौसम विभाग ने विशेष रूप से पर्यटकों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

सतर्क रहने की अपील

मौसम विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को सावधानी बरतने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है, क्योंकि तेज हवाएं और बारिश कई जगहों पर जोखिम बढ़ा सकती हैं।