पंचांग: शनिवार का सबसे शुभ मुहूर्त, जानें किस घड़ी में की गई पूजा देगी सौ गुना फल?

पंचांग : आज 30 मई, 2026 शनिवार, के दिन ज्येष्ठ महीने की शुक्ल पक्ष चतुर्दशी तिथि है. ये तिथि रुद्र द्वारा शासित होती है, जो भगवान शिव का एक प्राचीन और उग्र रूप है. इस दिन की ऊर्जा से भगवान की पूजा करने सबसे अच्छा होता है.

30 मई का पंचांग :

  • विक्रम संवत : 2082
  • मास : ज्येष्ठ
  • पक्ष : शुक्ल पक्ष चतुर्दशी
  • दिन : शनिवार
  • तिथि : शुक्ल पक्ष चतुर्दशी
  • योग : शिव
  • नक्षत्र : विशाखा
  • करण : वणिज
  • चंद्र राशि : तुला
  • सूर्य राशि : वृषभ
  • सूर्योदय : 05:23:00 AM
  • सूर्यास्त : 07:14:00 PM
  • चंद्रोदय : 18:40
  • चंद्रास्त : 04:50, मई 31
  • राहुकाल : 08:51 से 10:34
  • यमगंड : 14:02 से 15:46

आज का नक्षत्र
आज के दिन चंद्रमा तुला राशि और विशाखा नक्षत्र में रहेगा. यह नक्षत्र 20 डिग्री तुला से 3:20 डिग्री वृश्चिक राशि तक फैला हुआ है. इसके शासक ग्रह बृहस्पति है, देवता सतराग्नि हैं – जिसे इन्द्राग्नि भी कहा जाता है. आज लक्ष्य प्राप्ति और आगे बढ़ने की प्रेरणा दे रहा है. बृहस्पति के प्रभाव से सही दिशा और मार्गदर्शन मिलने के योग बनते हैं, जिससे कार्यों में सफलता मिल सकती है. इन्द्राग्नि के प्रभाव से ऊर्जा और उत्साह बढ़ेगा, इसलिए संतुलन के साथ प्रयास करना लाभकारी रहेगा.

आज के दिन का वर्जित समय
आज के दिन 08:51 से 10:34 बजे तक राहुकाल रहेगा. ऐसे में कोई शुभ कार्य करना हो, तो इस अवधि से परहेज करना ही अच्छा रहेगा. इसी तरह यमगंड, गुलिक, दुमुहूर्त और वर्ज्यम से भी परहेज करना चाहिए.