महिला दारोगा ने यह भी आरोप लगाया कि विवाद बढ़ने पर जब उसके पिता समझाने के लिए ससुराल पहुंचे तो उन पर जानलेवा हमला किया गया। फायरिंग में उनके पिता बाल-बाल बच गए।
इंटरकास्ट शादी बनी विवाद की वजह
पूरा मामला लखनऊ के पारा थाना क्षेत्र से जुड़ा है। पीड़िता फिलहाल प्रयागराज में पुलिस विभाग में दारोगा के पद पर तैनात है। महिला का कहना है कि उसकी शादी 14 फरवरी 2025 को हुई थी। शादी के बाद से ही उसे जाति को लेकर ताने दिए जाने लगे।
पीड़िता के मुताबिक वह चौरसिया समाज से है, जबकि उसका पति ठाकुर परिवार से आता है। इंटरकास्ट मैरिज को लेकर ससुराल पक्ष शुरू से नाराज था और इसी वजह से लगातार मानसिक प्रताड़ना दी जा रही थी।
गन प्वाइंट पर दुष्कर्म का आरोप
महिला दारोगा ने आरोप लगाया कि एक दिन वह घर पर अकेली थी, तभी उसके ससुर ने बंदूक निकालकर उसे डराया-धमकाया। पीड़िता का दावा है कि इसके बाद गन प्वाइंट पर उसके साथ दुष्कर्म किया गया।
घटना के बाद जब उसने पति को पूरी बात बताई तो परिवार ने उसका साथ देने के बजाय दबाव बनाना शुरू कर दिया।
पति पर जबरन जहर खिलाने का आरोप
पीड़िता का कहना है कि सास और ननद ने मामले को दबाने के लिए उसे चुप रहने की सलाह दी। वहीं पति ने कथित तौर पर उसे चूहा मार दवा खिला दी और कमरे में बंद कर दिया।
महिला ने पति पर जबरन शारीरिक संबंध बनाने का आरोप भी लगाया है। उसका कहना है कि उसकी इच्छा के खिलाफ कई बार संबंध बनाए गए।
पिता पहुंचे समझाने, बदले में चली गोली
महिला दारोगा के अनुसार, हालात बिगड़ने के बाद उसके पिता ससुराल पक्ष से बातचीत करने पहुंचे थे। लेकिन वहां उनके साथ मारपीट की गई।
पीड़िता का आरोप है कि 25 मई को उसके पिता पर लाइसेंसी पिस्टल से फायरिंग भी की गई। हालांकि इस हमले में वह बच गए।
पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल
सबसे बड़ी बात यह है कि खुद पुलिस विभाग में होने के बावजूद पीड़िता को न्याय नहीं मिल पा रहा है। महिला का आरोप है कि ससुराल पक्ष की ऊंचे लोगों तक पहुंच होने के कारण पुलिस कार्रवाई से बच रही है।
पीड़िता ने कहा कि कई दिनों तक अधिकारियों के चक्कर लगाने के बावजूद अब तक शिकायत पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
वहीं मामले को लेकर एसीपी काकोरी ने कहा है कि शिकायत संज्ञान में आई है और पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।