बिलासपुर: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से एक बार फिर कथित धर्मांतरण का मामला सामने आया है। सीपत थाना क्षेत्र के ग्राम मोहरा में रविवार को आयोजित एक प्रार्थना सभा को लेकर विवाद खड़ा हो गया। आरोप है कि सभा के दौरान लोगों को प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जा रहा था। शिकायत मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और संबंधित लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी।
प्रार्थना सभा में धर्म परिवर्तन कराने का आरोप
पुलिस में दर्ज शिकायत के मुताबिक शिकायतकर्ता सुमित यादव ने बताया कि 24 मई 2026 की सुबह करीब 9 बजे उन्हें सूचना मिली कि ग्राम मोहरा में राम स्वरूप सूर्यवंशी के घर के आंगन में टीन शेड के नीचे प्रार्थना सभा आयोजित की जा रही है।
आरोप है कि वहां मौजूद कुछ लोग ईसाई धर्म का प्रचार कर रहे थे और लोगों को प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित कर रहे थे। सूचना मिलने पर सुमित यादव अपने साथियों धीरज भोई, सुभाष साहू और शुभांशू भोई के साथ मौके पर पहुंचे।
मौके पर मिले तीन आरोपी
शिकायत के अनुसार मौके पर राम स्वरूप सूर्यवंशी, जितेंद्र सूर्यवंशी और पंकज कुमार करियारे मौजूद मिले। आरोप लगाया गया है कि ये लोग लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे थे और हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ आपत्तिजनक बातें कही जा रही थीं।
बताया गया कि सभा स्थल पर बाइबल और नाश्ते की व्यवस्था भी की गई थी।
बेहतर सुविधा और मुफ्त इलाज का दिया जा रहा था लालच
शिकायत में यह भी कहा गया है कि मौके पर मौजूद लोगों को ईसाई धर्म अपनाने पर बेहतर सुविधाएं, अच्छे घर में शादी और मुफ्त इलाज जैसी बातें बताई जा रही थीं। इसी आधार पर शिकायतकर्ताओं ने इसे प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश बताया।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
शिकायत मिलने के बाद सीपत थाना पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता यानी BNS की धारा 299 और छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम 1968 की धारा 3 और 4 के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई
पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। घटनास्थल से मिले तथ्यों और पूछताछ के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले को लेकर गांव में चर्चा का माहौल बना हुआ है।