नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी में बड़े संगठनात्मक बदलावों की तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंचती नजर आ रही हैं। पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन की नई टीम को लेकर राजधानी दिल्ली में लगातार मंथन जारी है। सूत्रों के अनुसार केंद्रीय संगठन के साथ-साथ कई राज्यों की नई इकाइयों का ऐलान भी जल्द किया जा सकता है।
पार्टी के भीतर चल रही बैठकों और चर्चाओं ने राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। माना जा रहा है कि इस बार संगठन में कई नए चेहरों को बड़ी जिम्मेदारियां मिल सकती हैं।
सबकी नजर यूपी बीजेपी संगठन पर
सबसे ज्यादा चर्चा उत्तर प्रदेश बीजेपी संगठन को लेकर हो रही है। इसकी बड़ी वजह अगले साल होने वाला विधानसभा चुनाव है। पार्टी नेतृत्व यूपी में चुनावी रणनीति को मजबूत करने के लिए संगठन में बड़े बदलावों पर गंभीरता से विचार कर रहा है।
हालांकि अभी तक प्रदेश टीम को लेकर अंतिम सहमति नहीं बन पाई है। इसी कारण संघ और बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं के बीच लगातार बैठकों का दौर जारी है।
दिल्ली में कई दौर की बैठकों से तेज हुआ मंथन
पिछले कई दिनों से दिल्ली में बीजेपी नेताओं की लगातार बैठकें हो रही हैं। यूपी बीजेपी अध्यक्ष समेत संगठन से जुड़े कई वरिष्ठ नेता राजधानी में डेरा डाले हुए हैं।
सूत्रों के मुताबिक पार्टी नेतृत्व क्षेत्रीय संतुलन, जातीय समीकरण और आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए नई टीम की रूपरेखा तैयार कर रहा है। किस नेता को कौन सी जिम्मेदारी मिलेगी, इसे लेकर भी गहन चर्चा चल रही है।
युवाओं को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी
जानकारी के अनुसार इस बार बीजेपी संगठन में युवा नेताओं को ज्यादा अवसर देने की रणनीति पर काम कर रही है। पार्टी नेतृत्व चाहता है कि भविष्य की राजनीति को ध्यान में रखते हुए ऐसे चेहरों को आगे लाया जाए, जो लंबे समय तक संगठन को मजबूत बना सकें।
इसी वजह से कई राज्यों से युवा नेताओं के नामों पर गंभीर मंथन किया जा रहा है। माना जा रहा है कि कुछ पुराने नेताओं की जिम्मेदारियों में बदलाव भी किया जा सकता है।
25 मई के बाद हो सकता है बड़ा ऐलान
राजनीतिक सूत्रों का कहना है कि रविवार को होने वाली अहम बैठकों के बाद कई नामों पर अंतिम मुहर लग सकती है। इसके बाद 25 मई के बाद कभी भी बीजेपी की नई राष्ट्रीय टीम और कुछ राज्यों की नई संगठनात्मक इकाइयों का औपचारिक ऐलान किया जा सकता है।
यही कारण है कि देशभर के कई राज्यों से जुड़े नेता इस समय दिल्ली में सक्रिय नजर आ रहे हैं और राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।