सोने और चांदी की कीमतों ने एक बार फिर सर्राफा बाजार में तेज हलचल पैदा कर दी है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी तनाव और अमेरिका-ईरान वार्ता में आई अस्थायी नरमी का सीधा असर भारतीय बाजार पर देखने को मिला है। शुक्रवार को दिल्ली में सोने के दामों में गिरावट दर्ज की गई, जिसके बाद निवेशकों और आम खरीदारों के बीच नई चर्चा शुरू हो गई है कि यह सही खरीद का समय है या अभी रुकना बेहतर होगा।दूसरी ओर होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास जारी तनाव ने वैश्विक निवेशकों को पूरी तरह राहत नहीं दी है। यही वजह है कि सोने में अस्थिरता बनी हुई है और बाजार लगातार उतार चढ़ाव के दौर से गुजर रहा है।
देश के प्रमुख शहरों में सोने के ताजा रेट, जानें कहां कितना बदल गया भाव
आज के ताजा रुझानों के अनुसार देश के बड़े शहरों में सोने की कीमतें इस प्रकार दर्ज की गई हैं।नई दिल्ली में 24 कैरेट सोना 15,963 रुपये प्रति ग्राम, 22 कैरेट 14,624 रुपये और 18 कैरेट 11,966 रुपये प्रति ग्राम है।मुंबई में 24 कैरेट सोना 15,948 रुपये, 22 कैरेट 14,619 रुपये और 18 कैरेट 11,961 रुपये प्रति ग्राम पर पहुंच गया है।चेन्नई में कीमतें थोड़ी ज्यादा हैं, जहां 24 कैरेट सोना 16,123 रुपये, 22 कैरेट 14,779 रुपये और 18 कैरेट 12,399 रुपये प्रति ग्राम दर्ज किया गया है।
कोलकाता में भी मुंबई जैसी ही दरें देखने को मिल रही हैं, जहां 24 कैरेट 15,948 रुपये, 22 कैरेट 14,619 रुपये और 18 कैरेट 11,961 रुपये प्रति ग्राम है।
बेंगलुरु, हैदराबाद और केरल में भी लगभग समान स्तर पर सोने की कीमतें बनी हुई हैं।
ताजा अपडेट क्या संकेत दे रहा है, बाजार आगे किस दिशा में जाएगा
23 मई तक के आंकड़ों के अनुसार चेन्नई में सोना सबसे महंगा बना हुआ है, जबकि मुंबई और कोलकाता में कीमतें अपेक्षाकृत स्थिर हैं। नई दिल्ली में भी हल्की गिरावट का रुख देखने को मिला है।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार मौजूदा समय में कीमतों में स्थिरता कम और उतार चढ़ाव ज्यादा देखने को मिल रहा है, जिससे निवेशकों के लिए निर्णय लेना चुनौतीपूर्ण हो गया है।
चांदी की कीमतों में स्थिरता, लेकिन मांग बनी हुई मजबूत
23 मई को भारत में चांदी की कीमत 284.90 रुपये प्रति ग्राम और 2,84,900 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज की गई है। हालांकि चांदी सोने की तुलना में सस्ती बनी रहती है, लेकिन निवेश और आभूषण दोनों स्तर पर इसकी मांग लगातार मजबूत बनी हुई है।
औद्योगिक उपयोग और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में चांदी की बढ़ती जरूरत भी इसकी कीमतों को प्रभावित करती है, जिसके कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर सीधे घरेलू रेट पर दिखाई देता है।
आयात शुल्क में बड़ा बदलाव, सरकार का सख्त रुख क्या बदल देगा बाजार की दिशा
हाल ही में पश्चिम एशिया संकट और आयात बिल में बढ़ोतरी को देखते हुए सरकार ने सोने और चांदी पर आयात शुल्क 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया है। इसका उद्देश्य गैर जरूरी आयात को कम करना और घरेलू वित्तीय दबाव को संतुलित करना है।
इसके साथ ही प्लैटिनम पर भी आयात शुल्क 6.4 प्रतिशत से बढ़ाकर 15.4 प्रतिशत कर दिया गया है। इस फैसले के बाद आने वाले दिनों में सर्राफा बाजार में और बदलाव देखने की संभावना जताई जा रही है।