बड़ी खबर : मंत्री डॉ.डहरिया के निर्देश पर कोरोना काल में भी पार्षद, अध्यक्ष, एल्डरमैन को शत प्रतिशत निधि जारी

रायपुर, 21 जनवरी। कोविड संक्रमण की वजह से राजस्व प्राप्तियों में कमी के बावजूद नगरीय प्रशासन…

आंदोलन से पहले हमला:कांग्रेस ने सरकार को धान बेचने वाले 608 भाजपा नेताओं की सूची जारी की, कहा- सरकारी खरीदी इतनी ही बुरी तो निजी मंडियों में क्यों नहीं बेचा धान

रायपुर, 21 जनवरी। राज्य सरकार के धान खरीदी नीति और धान के एकमुश्त दाम का मुद्दा…

राज्यपाल छिंदवाड़ा दौरे के व्यस्ततम कार्यक्रम के मध्य अपने पूर्व महाविद्यालय में पहुंची और पुराने दिनों को याद किया

रायपुर, 21 जनवरी। राज्यपाल अपने गृहजिले छिदवाड़ा प्रवास के दौरान अपने व्यस्ततम कार्यक्रम के बीच समय निकालकर छिंदवाड़ा के शासकीय स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय पहुंची, जहां वे स्वयं उच्च शिक्षा प्राप्त की थी। वहां उन्होंने अपने पूर्व सहपाठियों जो अब शिक्षक और प्राचार्य के रूप में कार्यरत हैं, से मुलाकात की और पुराने दिनों को याद किया। अपने बीच पूर्व सहपाठी सुश्री उइके को उपस्थित पाकर वे गदगद् हो उठे। राज्यपाल ने कहा कि उन्होंने इसी कॉलेज से शिक्षा प्राप्त की और आज उनके मध्य राज्यपाल के रूप में आई हूं। आज मैं जिस स्थानपर पहुंची हूं, मेरे मित्रगणों और शुभचिंतकों की प्रेरणा से पहुंची हूं, जिसे मैं कभी भुला नहीं पाऊंगी। राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि मुझे आज भी वो दिन याद है, जब इस कॉलेज में प्रवेश लिया था और इसी प्रांगण में उन्होंने शिक्षा प्राप्त की थी। मैंने इस संस्थान में ही मैंने सार्वजनिक जीवन की शुरूआत की और छात्र राजनीति में कदम रखा तथा छात्र संघ के विभिन्न पदों पर कार्य किया। उन्होंने कहा कि सकारात्मक मन से प्रयास करेंगे तो आपका ऐसा प्लेटफार्म मिलेगा, जहां पर अच्छा कार्य कर सकते हैं। इस शिक्षण संस्थान का और शिक्षकों का ही आशीर्वाद का प्रभाव मेरे कार्यशैली में परिलक्षित हुआ, जिसके कारण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उन्हें राज्यपाल का दायित्व सौंपने का निर्णय लिया। इस अवसर पर मैं सभी शिक्षकों को नमन करती हूं। आज कुछ शिक्षकगण यहां नहीं है परन्तु उनका आशीर्वाद सदैव मेरे साथ रहता है और रहेगा। राज्यपाल ने राष्ट्रीय सेवा योजना के वालेंटियर्स से मुलाकात की और उनका लोकनृत्य का प्रदर्शन देखा। उन्होंने महिला शिक्षकों से भी रूबरू हुई और उनका हालचाल जाना। राज्यपाल के सहपाठी रहे शिक्षकों ने कहा कि सुश्री उइके का व्यक्तित्व सरल और संवेदनशील है। वह इतने महत्वपूर्ण पद का दायित्व संभालने के बावजूद भी उनमें उनका प्रभाव नहीं देखा। वे आज भी एक मित्र और सामान्य नागरिक के जैसे ही मुलाकात करती। उन्होंने राज्यपाल को महाविद्यालय आने के लिए धन्यवाद भी दिया। इस अवसर पर श्री दौलत सिंह ठाकु, सत्येन्द्र ठाकुर, प्राचार्य अमिताभ पाण्डे एवं शिक्षकगण उपस्थित थे।

जानिए राष्ट्रपति ‘बाइडन’ का कैसा रहा पहला दिन, ‘कमला’ के उपराष्ट्रपति बनने से क्यों जोश में हैं भारतीय-अमेरिकी सांसद

न्यूयॉर्क, 21 जनवरी। जो बाइडन ने अमेरिका के 46वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ले ली है।…

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से चलने वाली 04 जोड़ी स्पेशल गाड़ियों में अतिरिक्त कोच की सुविधा

रायपुर, 21 जनवरी। रेलवे प्रशासन द्वारा यात्रियों की बेहतर सुविधा व ज्यादा से ज्यादा यात्रियों को…

खुशहाल जीवन के लिए लोगों को मिला परामर्श, 172 लोग परामर्श पाकर खुशहाल जीवन के प्रति हैं अग्रसर

बलौदाबाजार, 21 जनवरी। मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं को समझना और उनका निराकरण करना वर्तमान समय में बहुत…

मेकाहारा नेत्र रोग विशेषज्ञ एवं रेटिना सर्जन डॉ. संतोष सिंह ने करवाया वैक्सीनेशन

रायपुर, 21 जनवरी। मेकाहारा रायपुर के नेत्र रोग विशेषज्ञ एवं रेटिना सर्जन डॉ. संतोष सिंह पटेल…

आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई: अन्य प्रान्त की मादिरा जब्त और शराब बनाने की नकली फैक्ट्री का किया भांडाफोड़

रायपुर, 21 जनवरी। आबकारी मंत्री कवासी लखमा के निर्देशन पर प्रदेश में मदिरा के अवैध बिक्री,…

मंत्री अमरजीत भगत की एक अभूतपूर्व पहल, मोबाइल वैन के माध्यम से सीतापुर क्षेत्र की जनता से किया संवाद

रायपुर, 21 जनवरी। कोविडकाल में जनता की समस्याओं को सुनने व उसका निराकरण करने हेतु मंत्री…

शहीद गैंदसिंह के श्रद्धांजलि समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री, कहा- शहीद गैंदसिंह का बलिदान अविस्मरणीय

रायपुर, 21 जनवरी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल छुरिया विकासखंड के ग्राम गोड़लवाही में अखिल भारतीय हलबा-हलबी आदिवासी…